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Punjab: ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले के भगोड़े अजय का आत्मसमर्पण, खुलासा-घोटाला पूरी रणनीति से हुआ

Tue, 14 Nov 2023 12:36 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 14 Nov 2023 12:36 PM IST
सार

टेंडर घोटाले की प्रक्रिया में कई स्तर पर खामियां थीं। पता चला है कि उक्त ठेकेदार की तरफ से मुहैया करवाई गई लेबर के आधार कार्ड की फोटोकापियों की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इनमें से कई आधार कार्ड कई नाबालिग मजूदरों के थे। कुछ आधार कार्ड 60 साल से अधिक उम्र वालों के थे।

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Accused in transportation tender scam surrendered in Ludhiana court
टेंडर घोटाले के आरोपी ने किया आत्मसमर्पण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेसी नेता भारत भूषण आशु से जुड़े शहीद भगत सिंह नगर जिले की दाना मंडियों में लेबर कार्टेज व ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले के एक भगोड़े आरोपी अजय पाल सिंह ने सोमवार को लुधियाना अदालत में सरेंडर कर दिया। इसके बाद विजिलेंस ब्यूरो ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वह काफी समय से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा था, हालांकि विजिलेंस उसकी तलाश में लगातार छापे मार रही थी। 
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अदालत ने उसका दो दिन का रिमांड दिया है। अब तक की जांच में खुलासा हुआ है कि यह घोटाला पूरी रणनीति के साथ रचा गया था। इसमें खुराक व सिविल सप्लाई विभाग, खरीद एजेंसियों के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर खेल कर विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाया।
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साल 2020-21 में गेहूं, धान स्टॉक संबंधी दाना मंडियों में लेबर कार्टेज व ढुआई के टेंडर के दौरान आरएस कोऑपरेटिव लेबर एंड कंस्ट्रक्शन सोसाइटी के प्रोपराइटर हनी कुमार ने नवांशहर व राहो कलस्टर के लिए टेंडर जमा करवाए थे। एक अन्य फर्म पीजी गोडाउन ने एसबीएस नगर के लिए आरंभिक दरों पर टेंडर भरे थे जो विभाग ने बिना किसी ठोस आधार पर रद्द कर दिए थे। नवांशहर कस्टर के लिए ठेकेदार तेलू राम को 71 फीसदी व राहो कलस्टर के लिए 72 फीसदी अधिक रेट पर टेंडर अलॉट कर दिए। बाद में 2022-23 के लिए टेंडर मांगे गए। 

हनी कुमार ने अपनी उपरोक्त फर्म के माध्यम से राहो कलस्टर व नवांशहर कलस्टर में लेबर के काम के लिए आरंभिक दरों पर टेंडर मुहैया करवाए लेकिन जिला टेंडर अलॉटमेंट कमेटी ने उसके टेंडरों को रद्द कर दिया। फिर नवांशहर कलस्टर का काम ठेकेदार अजयपाल सिंह को लेबर टेंडर 73 फीसदी व राहो कलस्टर में 72 फीसदी अधिक रेटों पर अलॉट कर दिया।

स्कूटर और एलपीजी टैंकर दिखाए थे अनाज ढुलाई में
ठेकेदार तेलू राम व यशपाल ने साल 2020-21 के टेंडर भरने के समय व ठेकेदार अजयपाल ने साल 2020-21 व 2022-23 के दौरान अनाज की ढुआई संबंधी वाहनों के रजिस्ट्रेशन नंबरों संबंधी जो ऑनलाइन सूचियां अटैच की गई हैं वे संबंधित जिला ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी द्वारा तस्दीक की गईं, लेकिन जांच में पाया गया कि ठेकेदारों की तरफ से की गई सूचियों में बड़े स्तर पर स्कूटर, मोटरसाइकिल, कारों, पिकअप, ट्रैक्टर ट्राले, क्लोज बॉडी ट्रक, एलपीजी टैंकर व हारवेस्टर आदि वाहनों का जिक्र था, जबकि ऐसे वाहनों से अनाज की ढुलाई नहीं की जा सकती है। 

वाहनों के गेट पास में दर्शाए गए अनाज की मात्रा का विवरण भी जाली है जिनकी फर्जी रिपोर्टिंग व गबन का संदेह है। विभाग के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने उक्त ठेकेदारों को बिना जाली गेट पास की तस्दीक किए गए पैसे जारी कर दिए गए। इस मामले में पूर्व फूड सप्लाई मंत्री एवं कांग्रेसी नेता भारत भूषण आशु, उनके निजी सहायक पंकज कुमार उर्फ मीनू मल्होत्रा, डिप्टी डायेरक्टर आरके सिंगला, डीएफएमसी राकेश भास्कर के अलावा, ठेकेदार तेलू राम, यशपाल पर भी केस दर्ज हैं।


आधार कार्ड से खुलासा, बुजुर्ग ढो रहे थे अनाज
टेंडर घोटाले की प्रक्रिया में कई स्तर पर खामियां थीं। पता चला है कि उक्त ठेकेदार की तरफ से मुहैया करवाई गई लेबर के आधार कार्ड की फोटोकापियों की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इनमें से कई आधार कार्ड कई नाबालिग मजूदरों के थे। कुछ आधार कार्ड 60 साल से अधिक उम्र वालों के थे। बहुत सारे आधार कार्ड तो पढ़ने के योग्य नहीं थे। नियमों के मुताबिक यह बोली तकनीकी आधार पर रद्द होनी चाहिए थी लेकिन इसमें खुराक व सिविल सप्लाई व संबंधित खरीद एजेंसियों के संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों ने मिलकर लेबर कार्टेज व ट्रांसपोर्ट टेंडर में धोखाधड़ी की।

ये आरोपी पकड़े गए अब तक
इस मामले में अब तक पांच आरोपी भारत भूषण आशु, मीनू मल्होत्रा, तेलू राम, यशपाल व अजय पाल गिरफ्तार हो चुके हैं। आरोपी डीएफएमसी राकेश भास्कर का पहले ही देहांत हो गया, जबकि मुअत्तल हो चुके डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंगला को विजिलेंस ब्यूरो भगोड़ा करार दे चुका है।
 
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