अमृतसर हेरोइन मामलाः आरोपी अनवर मसीह ने किया आत्मसमर्पण, बोला- तंग किया तो दे दूंगा जान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानविंड रोड के आकाश एवेन्यू में स्थित जिस कोठी में नशे की फैक्ट्री चल रही थी, उसके मालिक पंजाब क्रिश्चियन फ्रंट और शिअद के नेता अनवर मसीह ने शुक्रवार सुबह स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के दफ्तर में आत्मसमर्पण कर दिया।
आत्मसमर्पण करने से पहले मसीह ने धमकी दी कि यदि उसे जांच के दौरान परेशान किया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा। उसने आरोप लगाया कि उसको राजनीतिक दबाव के चलते इस केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है। वह जांच टीम को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है।
एसटीएफ के एआईजी रछपाल सिंह ने अनवर मसीह को जांच में शामिल होने का समन भेजा था। मसीह शुक्रवार सुबह अपने कुछ समर्थकों के साथ एसटीएफ के दफ्तर पहुंचा। अनवर मसीह कुछ दिन पहले भूमिगत हो गया था। एसटीएफ ने अनवर मसीह से कोठी को किराये पर देने के दस्तावेज मांगे हैं। साथ ही इस कोठी को बेचने के दिए गए बयान को आधार बनाकर एसटीएफ ने मसीह से पूछा था कि उसने किसको कोठी बेची है।
उसके दस्तावेज के साथ किरायेनामे की कॉपी भी पेश करने को कहा गया है। यह सवाल भी अहम है कि अनवर मसीह 194 किलोग्राम हेरोइन की खेप इस कोठी में रखने के आरोपी सुखजिंदर सिंह के संपर्क में कैसे आया। कोठी किराये पर देने से पहले अनवर ने क्या उससे पूछा था कि वह कोठी किस काम के लिए किराये पर ले रहा है। जानकारी के अनुसार अनवर मसीह के पास कोठी किराये पर देने के कोई भी दस्तावेज नहीं है।
इससे पहले एसटीएफ ने 194 किलोग्राम हेरोइन की खेप बरामदगी के साथ कई नशीले केमिकल बरामद करने के मामले में कांग्रेस के पार्षद प्रदीप शर्मा से भी पूछताछ की है। प्रदीप शर्मा का बेटा साहिल शर्मा फरार है। एसटीएफ ने उसकी ग्रीन फील्ड स्थित कोठी को सील कर दिया है। इस मामले के मास्टरमाइंड अंकुश कपूर की कोठी भी एसटीएफ ने सील की हुई है।
ईडी भी करेगी हेरोइन बरामदगी मामले की जांच
स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा बरामद की गई 194 किलो हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों की खेप के मामले में आरोपियों के विरुद्ध ईडी भी जांच करेगी। ईडी ने इस मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों के बारे में एसटीएफ से जानकारी मांगी है। ईडी इन आरोपियों और उनके साथियों के बैंक खातों और जायदाद के बारे में पड़ताल करेगी। इन आरोपियों के बैंक खातों में बीते कुछ वर्षों से हुई ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच के बाद ईडी इन पर शिकंजा कस सकती है। जानकारी ने अनुसार ईडी मनी लांड्रिंग और इन तस्करों के विदेशी व सियासी गठजोड़ की भी जांच करेगी।