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विधानसभा हंगामाः अभय चौटाला ने कहा, हाथ में रिवाल्वर होता तो शायद गोली भी मार देता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 13 Sep 2018 09:50 AM IST
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इनेलो नेता अभय चौटाला
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हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अभय चौटाला और कांग्रेस विधायक करण दलाल के एक-दूसरे पर जूते तानने का मामला ठंडा पड़ता दिखाई नहीं दे रहा। दलाल ने जहां पूरे मामले को पुलिस के पास पहुंचा दिया है, वहीं चौटाला के तेवर भी बेहद कड़े हैं।
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बुधवार को यहां एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान चौटाला तल्ख दिखे। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल को कोई भी आदमी गाली दे, उसे वह कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते। कांग्रेस विधायक करण दलाल ने विधानसभा में मुझे, मेरे पिता और दादा ताऊ देवीलाल को गालियां निकाली। जिस समय दलाल मेरे और परिवार के ऊपर छींटाकशी कर रहे थे, उस समय स्पीकर का दायित्व बनता था कि उस रोकें। लेकिन स्पीकर देखते रहे।
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आत्मरक्षा के लिए मैंने सिर्फ जूता ही दिखाया। अगर मेरे हाथ में रिवॉल्वर होता तो शायद सिर में गोली भी मार देता। चौटाला ने आरोप लगाया कि विधानसभा में रचा गया सारा षडयंत्र पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने रचा था। हुड्डा के कहने से कांग्रेस का कोई और एमएलए तो खड़ा नहीं होता, चूंकि, इनमें इतनी बड़ी फूट है। इसलिए अपने समधी करण दलाल को खड़ा किया। अब हुड्डा ही अपने समधी को बचाने के लिए आगे आए, लेकिन अब बचने वाली बात नहीं है। सौ फीसदी करण दलाल को जेल जाना पड़ेगा। यह सारा ड्रामा हुड्डा ने ही किया।
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हुड्डा ने ही दलाल को खड़ा किया कि ऐसी बात कहो जिससे हंगामा हो जाए और वह किसी तरह वॉकआउट कर बाहर निकलें, ताकि वाड्रा वाले मुद्दे पर सरकार के सामने कोई सफाई न देनी पड़ी। चौटाला ने कहा कि वह विधानसभा की बात बाहर नहीं करना चाहते। जो वहां हुआ, वहीं तक रहना चाहिए। अगर कोई विधानसभा का सदस्य मेरे खिलाफ सभ्य टिप्पणी करे तो मुझे कोई आपत्ति नहीं। लेकिन मुझे और मेरे परिवार को गाली दे तो स्पीकर की जिम्मेदारी थी प्रोटेक्ट करने की।
स्पीकर देखते रहे। यह मानकर चलो कि आत्मरक्षा के लिए आदमी कुछ भी कर सकता है। न तो वह इस मामले में शिकायत करने के लिए गए, न ही इन छोटी बातों पर पुलिस स्टेशन जाते हैं।