वीडियो: शहीदी समारोह में शराब के नशे में पहुंचे भगवंत मान
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संगरूर से सांसद भगवंत मान पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में रविवार को गांव बरगाड़ी में आयोजित शहीदी समारोह में शराब पीकर पहुंचने के गंभीर आरोप लगे।
जानकारी के अनुसार सांसद मान अपनी पार्टी के स्टेट कनवीनर सुच्चा सिंह छोटेपुर के साथ स्टेज पर बैठे थे। इस दौरान उनके साथ बैठे एक अन्य नेता को उनसे शराब की बदबू आई।
उन्होंने आयोजकों को जानकारी दी। जानकारी मिलते ही सिख जत्थेबंदियों के कार्यकर्ताओं ने मान को स्टेज से उतार दिया और बाद में उन्हें समारोह स्थल से ही बाहर जाने को मजूबर कर दिया गया।
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सिख जत्थेबंदियों ने सरकार को 15 तक का
उधर बरगाड़ी (फरीदकोट)। के खेल स्टेडियम में बहिबल कलां गोलीकांड में मारे गए दो सिख नौजवानों के शहीदी समारोह में पंथक जत्थेबंदियों की तरफ से संघर्ष की नई रूपरेखा के तहत नौ प्रस्ताव पारित किए गए।
इसके माध्यम से पंजाब सरकार को चेतावनी दी गई कि यदि 15 नवंबर तक मामले को न सुलझाया गया तो सिख जत्थेबंदियों की तरफ से शिअद सांसदों, विधायकों और एसजीपीसी सदस्यों के घरों का घेराव किया जाएगा।
शहीदी समारोह में सिख प्रचारक भाई पंथप्रीत सिंह खालसा ने कहा कि एक जून को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला से गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप चोरी होने की घटना के करीब तीन माह बाद आरोपियों ने उसी गुरुद्वारा साहिब के बाहर पोस्टर लगाकर गुरु साहिब की बेअदबी करने की चेतावनी दी थी, लेकिन सरकार नहीं जागी। फिर 12 अक्तूबर को गांव बरगाड़ी में बेअदबी की शर्मनाक घटना सामने आई। इसके खिलाफ रोष जताने वाले लोगों पर सरकार ने पुलिस से फायरिंग करवाई जिसमें दो नौजवान मारे गए और कई लोग घायल हो गए।
अब इस मामले में बेकसूर सिख नौजवानों को फंसा कर पूरे समाज को बदनाम किया जा रहा है, जिसे सहन नहीं किया जा सकता। समारोह में एसजीपीसी की तरफ निलंबित पंज प्यारों के प्रतिनिधि भाई मलकीत सिंह ने संकट के समय में सिख समाज को आपसी मतभेद भुलाकर पंथक एकता दिखाने का आह्वान किया।
पुलिस फायरिंग में मारे गए दोनों नौजवानों को शहीद का दर्जा
इस दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब के बेअदबी की घटना को लेकर उपजे बवाल के लिए सीधे रूप से पंजाब सरकार और बादल परिवार पर तीखे हमले बोले गए। इस दौरान गांव बहिबल कलां में पुलिस फायरिंग में मारे गए दोनों सिख नौजवानों गुरजीत सिंह सरावां और किशन भगवान सिंह नियामीवाला को कौम के शहीद का दर्जा दिया गया और दोनों के परिवारों को गोल्ड मेडल दिया गया।
समारोह के अंतिम चरण में सिख प्रचारक संत बाबा बलजीत सिंह दादूवाल ने पंथक जत्थेबंदियों के नेताओं की हाजिरी में एक-एक करके नौ प्रस्ताव संगत के सामने रखे जिन्हें जयकारों के साथ पास करवाया गया।