दिल्ली के आप विधायकों ने खोली अपनी पार्टी की पोल, पंजाब को किया आगाह
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दिल्ली के दो विधायकों ने वहां की आप सरकार की पोल खोली। सरकार की ओर से लोगों से किए धोखे और घोटालों का खुलासा किया। साथ ही अरविंद केजरीवाल पर लोगों से किया कोई भी वादा पूरा न करने का आरोप लगाया।
चंडीगढ़ प्रेस क्लब में आप विधायकों कर्नल दविंदर सहरावत व असीम अहमद (पूर्व मंत्री) ने दिल्ली में फैली अव्यवस्था के लिए केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया।
पंजाब के लोगों को आगाह किया कि वे केजरीवाल के झूठे वादों और दावों में न फंसें। अहमद ने उन्हें झूठे आरोपों में फंसाने के लिए केजरीवाल की ओर से रची साजिश संबंधी ऑडियो क्लिप भी सुनाई, जिसमें आप वर्कर अहमद को बता रहा है कि कैसे उन्हें एक व्यक्ति के जरिए झूठा फंसाया गया था।
केजरीवाल पर लगाए गंभीर आरोप
उसे 11 लाख रुपये दिए गए थे। अहमद ने कहा कि उन्हें कैबिनेट से इसलिए हटा दिया गया था क्योंकि उन्होंने पांच करोड़ रुपये नहीं दिए थे। पंजाब में दलित डिप्टी सीएम बनाने का दावा करने वाले केजरीवाल ने एक दलित को ही कैबिनेट से हटा दिया था।
वह एक भी सिख को मंत्री बनाने में नाकाम रहे। दिल्ली में विकास रुक चुका है, बीते एक साल में एक भी राशन कार्ड जारी नहीं किया गया। सरकार बनने के बाद दो स्कूल भी नहीं खोले गए, गरीबों को पेंशन नहीं मिल रही है।
चार सौ नए शराब ठेके जरूर खुल गए हैं। सहरावत ने गुटका, शराब, ऑटो परमिट और ऑड-इवन स्कीम में घोटालों का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऑड-इवन स्कीम को निजी कैब सर्विस की मदद के लिए लाया गया था।
केजरीवाल ने गुटका बैन के वादे से पीछे हटने के बदले गुटका एसोसिएशन से करीब एक हजार करोड़ रुपये लिए। दूसरे वादों की तरह नए स्कूल भी ठंडे बस्ते में चले गए। केजरीवाल एक ही साथ आधा दर्जन राज्यों का सीएम बनना चाहते हैं। इसके लिए वह किसी भी स्तर तक नीचे गिर सकते हैं।