पंजाब में आंदोलन पर उतरी आम आदमी पार्टी, महंगी बिजली के मुद्दे पर सरकार की घेरेबंदी
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आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया है। मंगलवार को विधायक प्रिंसिपल बुद्ध राम और अमन अरोड़ा के नेतृत्व में पार्टी ने डीसी कुमार अमित के जरिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में बिजली की दरें महंगी होने का विरोध जताया गया। बिजली आंदोलन के पहले चरण का पटियाला देहात से आगाज किया गया।
पार्टी के बन्ना रोड पर स्थित दफ्तर में राज्य कोर समिति के चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्ध राम और बिजली आंदोलन के राज्य कोआर्डिनेटर और विधायक अमन अरोड़ा ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित किया।
आरोप लगाया कि बादलों ने सस्ती बिजली पैदा कर रहे सरकारी थर्मल प्लांटों को बंद कर प्राइवेट कंपनियों के साथ जो मोटे कमीशन वाले महंगी बिजली खरीद समझौते किए गए थे, अब वही काम सत्ताधारी कांग्रेसी करने लगे हैं।
वरना मुख्यमंत्री बनते ही कैप्टन अमरिंदर सिंह प्राइवेट थर्मल प्लांटों के साथ किए घातक समझौते तुरंत रद्द कर देते। यह कांग्रेस का लोगों के साथ किया गया लिखित चुनावी वादा था।
अमन अरोड़ा ने बताया कि इन महंगे बिजली समझौतों के कारण ही पंजाब सबसे ज्यादा महंगी बिजली बेच रहे राज्यों में शामिल है। कैप्टन सरकार समझौते रद्द करने से भाग गई है।
अमन अरोड़ा ने बताया कि आम आदमी पार्टी इस बिजली आंदोलन के माध्यम से बादलों और कैप्टन का सच घर-घर तक पहुंचाएगी। साथ ही दिल्ली में अरविंद केजरीवाल सरकार की तरफ से दी जा रही सबसे सस्ती बिजली के बारे में जागरूक करेगी।
दिल्ली सरकार खुद एक भी यूनिट पैदा नहीं करती और प्राइवेट कंपनियों से ही बिजली खरीदती है। बाहर से खरीद कर दिल्ली सरकार सस्ती बिजली दे सकती है तो पंजाब सरकार क्यों नहीं दे सकती। इस मौके पर पार्टी की नेता नीना मित्तल, हरचंद सिंह बरसट, गगनदीप सिंह चड्ढा, जेपी सिंह, अमरीक सिंह दंदीवाल, कुंदन गोगिया मौजूद थे।