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Chandigarh: आम आदमी पार्टी में कार्यकारिणी का अभाव, सड़क तक आई गुटबाजी, हाईकमान के निर्देश भी दरकिनार

Thu, 27 Jul 2023 08:39 AM IST
निवेदिता वर्मा रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 27 Jul 2023 08:39 AM IST
सार

लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। पार्टी में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अगर जल्द कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया तो पार्टी के कई कार्यकर्ता टूटेंगे ही, पार्षद भी पाला बदल सकते हैं। कई पार्षद पार्टी की गतिविधियों व कार्य करने के तरीकों से नाराज बैठे हैं।

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Aam Aadmi Party in Chandigarh is grappling with factionalism
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी कार्यकारिणी के अभाव में गुटबाजी से जूझ रही है। पुराने कार्यकर्ता मुंह मोड़ रहे हैं तो चुनाव जीतने के बाद कई पार्षद पार्टी को ज्यादा तवज्जो नहीं दे रहे। यह गुटबाजी सड़क तक आ गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में मामला निजी टिप्पणियों तक पहुंच चुका है। पार्टी नेताओं का कहना है कि यही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पार्टी टूट कर बिखर जाएगी।

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जनवरी 2023 में हाईकमान ने चंडीगढ़ की कार्यकारिणी को भंग कर दिया था। तब से पार्टी में न कोई प्रदेश अध्यक्ष है, न किसी पद पर अन्य कोई नेता। पार्टी नए कार्यकर्ता और पुराने कार्यकर्ता के दो ग्रुप में बंटी हुई है। वरिष्ठ नेताओं ने इस खाई को पाटने के बजाय बढ़ाने का ही काम किया है। 
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ताजा उदाहरण मंगलवार को देखने को मिला। पार्टी हाईकमान ने मणिपुर की हिंसा को लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने के आदेश दिए थे। प्रदर्शन के लिए एक ग्रुप सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय के पास मौजूद गुलाटी भवन के सामने एकत्रित हुआ तो दूसरे ग्रुप के नेता, पार्षद व कार्यकर्ता सेक्टर-34 स्थित गुरुद्वारा के पास एकत्रित हुए। अपने गुट की शक्ति दिखाने के लिए कार्यकर्ताओं को फोन किए। अलग-अलग इकट्ठे हुए नेताओं व कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अपने-अपने पास बुलाने की कोशिश की।

मंगलवार शाम सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हुई, जिसमें आप के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रेम गर्ग पार्षद, अंजू कत्याल व अन्य गुलाटी भवन के पास धरने पर बैठकर नारेबाजी कर रहे थे। प्रेमलता उनके पास आती हैं और उन्हें दूसरी तरफ चलने का इशारा करती हैं, जबकि प्रेम गर्ग व अन्य कार्यकर्ता उन्हें वहीं उनके साथ बैठने को कहते हैं। वीडियो में दिख रहा है कि अंजू कत्याल और प्रेमलता के बीच तीखी बहस भी हुई।

पार्टी के आदेश के बावजूद 13 में से पहुंचे सिर्फ चार पार्षद
आम आदमी पार्टी के शहर में 13 पार्षद हैं, लेकिन पार्टी हाईकमान के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद हैरत की बात रही कि सिर्फ चार पार्षद ही प्रदर्शन में पहुंचे। इनमें अंजू कत्याल, जसविंदर कौर, प्रेमलता और दमनप्रीत शामिल रहे जबकि पार्टी की तरफ से पूरे देश में प्रदर्शन किया गया और चंडीगढ़ के पार्षदों को कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचने के आदेश थे। प्रदर्शन में हुई इस खींचतान को लेकर कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी के व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी नाराजगी जाहिर की। किसी ने लिखा कि कुछ लोग खुद को पार्टी से ऊपर समझ रहे हैं तो किसी ने लिखा कि पार्टी के पार्षदों को याद रखना चाहिए कि जीत हमेशा के लिए पक्की नहीं होती।

लोकसभा नजदीक, कहीं बिखर न जाए पार्टी
लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं। पार्टी में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि अगर जल्द कार्यकारिणी का गठन नहीं किया गया तो पार्टी के कई कार्यकर्ता टूटेंगे ही, पार्षद भी पाला बदल सकते हैं। कई पार्षद पार्टी की गतिविधियों व कार्य करने के तरीकों से नाराज बैठे हैं। एक पार्षद तरुणा मेहता पहले ही पार्टी छोड़ चुकी हैं और वह अब कांग्रेस में है। सूत्रों का कहना है कि दिन-प्रतिदिन पार्टी के अंदर स्थितियां खराब हो रही हैं। कई कार्यकर्ता व पार्षद घुटन महसूस कर रहे हैं, लेकिन सबसे ज्यादा वे परेशान हैं, जो कई साल पहले अरविंद केजरीवाल की सोच के साथ पार्टी से जुड़े थे। वह अब समझ नहीं पा रहे कि किस गुट में और कहां जाएं, क्योंकि उनका कहना है कि पार्टी हाईकमान में चंडीगढ़ इकाई का दुख दर्द सुनने वाला भी कोई नहीं है।


आप की चार बड़ी चुनौतियां
1. कोई एक नेता नहीं, जो सभी कार्यकर्ताओं को एक सूत्र में बांध सके
2. नए और पुराने कार्यकर्ताओं की खाई
3. चरम पर गुटबाजी
4. पार्टी के पुराने नेताओं और कार्यकर्ताओं को किया गया दरकिनार
5. बड़े मुद्दों पर पार्षदों में मार्गदर्शन की कमी

10 दिन में कार्यकारिणी बन जाएगी
पार्टी हाईकमान से आग्रह किया है कि जल्द से जल्द कार्यकारिणी का गठन किया जाना चाहिए। हाईकमान इन दिनों केंद्र में चल रहे गठबंधन व अन्य चीजों में व्यस्त है। उम्मीद है कि 10 दिनों में कार्यकारिणी बन जाएगी। - प्रेम गर्ग, पूर्व प्रदेश संयोजक, आप

हाईकमान के साथ संपर्क में हूं

पार्टी के कई नेता पंजाब के बाढ़, मानसून सत्र आदि में व्यस्त हैं। कार्यकारिणी नहीं होने से जो समस्याएं आ रही हैं, उन पर हाइकमान से चर्चा की है। हाईकमान के साथ संपर्क में हूं। मुझे बताया गया है कि अब सिर्फ घोषणा होनी बाकी है। वह भी अगले कुछ दिनों में हो जाएगी। - प्रदीप छाबड़ा, चेयरमैन, पंजाब लार्ज इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड

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