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पंजाबः सुखपाल खैरा गुट पर कार्रवाई के मूड में 'आप', कतरे जा सकते कई पदाधिकारियों के 'पर'
अखिल तलवार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Aug 2018 09:57 AM IST
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Sukhpal Singh Khaira
- फोटो : फाइल फोटो
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आम आदमी पार्टी ने बागी सुखपाल खैरा गुट के साथ गए संगठन पदाधिकारियों के पर कतरने की तैयारी कर ली है। दो-तीन सप्ताह के अंदर ऐसे सभी लोगों को बदल दिया जाएगा, जो खुल कर खैरा के साथ चल रहे हैं। पार्टी ने खैरा को 26 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष पद से हटा दिया था। इसके बाद खैरा गुट ने दो अगस्त को बठिंडा में कन्वेंशन कर खुले तौर पर बगावत का एलान कर दिया था। एनआरआई और पंजाब के वॉलंटियर्स के दबाव में विधायकों के साथ-साथ कई संगठन पदाधिकारी भी खैरा के साथ चले गए।
खैरा गुट के साथ कुल आठ विधायक हैं। पार्टी नेतृत्व ऊपरी तौर पर तो यही कह रहा है कि बातचीत के जरिए विवाद सुलझा लिया जाएगा। लेकिन अंदरखाते बातचीत की कोई भी कोशिश नहीं की जा रही है। पिछले दिनों विधायक कुलवंत पंडोरी के पिता के भोग में राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया पहुंचे थे। खैरा भी अपने कुछ विधायकों के साथ वहां थे। लेकिन केजरीवाल ने खैरा से पूरी तरह दूरी बनाई रखी।
साफ संदेश दिया कि जब तक बगावत का झंडा बुलंद रहेगा, कोई बातचीत नहीं होगी। बागियों ने भी अगले दिन खैरा को एडहॉक प्रेसिडेंट घोषित कर अपने तेवर साफ कर दिए। अब पार्टी ने फिलहाल स्थिति को ऐसे ही छोड़ने और धीरे-धीरे खैरा धड़े को कमजोर करने की रणनीति बनाई है। खैरा के साथ गए विधायकों पर तो पार्टी कार्रवाई नहीं करेगी। लेकिन खैरा समर्थक संगठन पदाधिकारियों के पर कतरने की तैयारी कर ली गई है।
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हाईकमान की हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने सभी जोन प्रधानों से कह दिया था कि ऐसे पदाधिकारियों की सूची और उनकी जगह नियुक्त किए जाने वाले लोगों के नाम तैयार करें। माझा के जोन प्रधान कुलदीप सिंह धालीवाल ने सबसे पहले सूची दे दी। इसके बाद खैरा समर्थक अमृतसर के शहरी और देहाती जिला प्रधान को हटा दिया गया। इसके साथ ही जोन में कुछ और नियुक्तियां भी की गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक खैरा के साथ बठिंडा जोन-1 के प्रधान नरिंदर सिंह नॉटी सरपंच खुल कर चल रहे हैं। दोआबा और माझा के करीब पांच जिला प्रधान उनके साथ हैं। खैरा गुट को 10-15 हलका इंचार्जों का भी समर्थन प्राप्त है। पार्टी ने 15-20 दिन में इन सभी को हटाने का मन बना लिया है। ताकि ये वॉलंटियर्स को प्रभावित न कर सकें।
खैरा को चीमा की गुगली, 24 को रखी बैठक
नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने पूर्व एलओपी सुखपाल खैरा को गुगली फेंकी है। उन्होंने अब आप विधायक दल की बैठक 22 के बजाय 24 अगस्त को रख ली है। गौरतलब है कि एक दिन पहले खैरा गुट के प्रवक्ता कंवर संधू ने 22 अगस्त को बैठक रखने को लेकर चीमा पर आरोप लगाए थे। संधू ने कहा था कि वे काफी पहले घोषित कर चुके हैं कि उनकी फरीदकोट जिले की कन्वेंशन 22 अगस्त को कोटकपूरा में रखी है।
चीमा की मंशा ही गलत है, वे चाहते ही नहीं कि हम लोग बैठक में हिस्सा ले सकें। अब चीमा ने बुधवार को होने वाली बैठक 24 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे रख ली। खुद ही आरोप लगाने के बाद अब खैरा गुट के लिए बैठक में न जाना आसान नहीं होगा। अगर वे बैठक में जाते हैं तो इसका मतलब कि वे चीमा को नेता प्रतिपक्ष मानते हैं। चीमा ने कहा कि उन्होंने आज मीडिया में देखा कि संधू ने 22 को बैठक रखने को लेकर उन पर आरोप लगाए थे। इसलिए अब बैठक 24 को रखी गई।
कई विधायक सुबह चंडीगढ़ केलिए निकल चुके थे, उन्हें फोन कर बैठक स्थगित होने की सूचना दी गई। उन्हें उम्मीद है कि 24 को पार्टी के सभी बीस विधायक बैठक में शामिल होंगे। वह निजी तौर पर सबको सूचित करेंगे।
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खैरा गुट के साथ कुल आठ विधायक हैं। पार्टी नेतृत्व ऊपरी तौर पर तो यही कह रहा है कि बातचीत के जरिए विवाद सुलझा लिया जाएगा। लेकिन अंदरखाते बातचीत की कोई भी कोशिश नहीं की जा रही है। पिछले दिनों विधायक कुलवंत पंडोरी के पिता के भोग में राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया पहुंचे थे। खैरा भी अपने कुछ विधायकों के साथ वहां थे। लेकिन केजरीवाल ने खैरा से पूरी तरह दूरी बनाई रखी।
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साफ संदेश दिया कि जब तक बगावत का झंडा बुलंद रहेगा, कोई बातचीत नहीं होगी। बागियों ने भी अगले दिन खैरा को एडहॉक प्रेसिडेंट घोषित कर अपने तेवर साफ कर दिए। अब पार्टी ने फिलहाल स्थिति को ऐसे ही छोड़ने और धीरे-धीरे खैरा धड़े को कमजोर करने की रणनीति बनाई है। खैरा के साथ गए विधायकों पर तो पार्टी कार्रवाई नहीं करेगी। लेकिन खैरा समर्थक संगठन पदाधिकारियों के पर कतरने की तैयारी कर ली गई है।
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हाईकमान की हरी झंडी मिलने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने सभी जोन प्रधानों से कह दिया था कि ऐसे पदाधिकारियों की सूची और उनकी जगह नियुक्त किए जाने वाले लोगों के नाम तैयार करें। माझा के जोन प्रधान कुलदीप सिंह धालीवाल ने सबसे पहले सूची दे दी। इसके बाद खैरा समर्थक अमृतसर के शहरी और देहाती जिला प्रधान को हटा दिया गया। इसके साथ ही जोन में कुछ और नियुक्तियां भी की गई हैं।
सूत्रों के मुताबिक खैरा के साथ बठिंडा जोन-1 के प्रधान नरिंदर सिंह नॉटी सरपंच खुल कर चल रहे हैं। दोआबा और माझा के करीब पांच जिला प्रधान उनके साथ हैं। खैरा गुट को 10-15 हलका इंचार्जों का भी समर्थन प्राप्त है। पार्टी ने 15-20 दिन में इन सभी को हटाने का मन बना लिया है। ताकि ये वॉलंटियर्स को प्रभावित न कर सकें।
खैरा को चीमा की गुगली, 24 को रखी बैठक
नेता प्रतिपक्ष हरपाल चीमा ने पूर्व एलओपी सुखपाल खैरा को गुगली फेंकी है। उन्होंने अब आप विधायक दल की बैठक 22 के बजाय 24 अगस्त को रख ली है। गौरतलब है कि एक दिन पहले खैरा गुट के प्रवक्ता कंवर संधू ने 22 अगस्त को बैठक रखने को लेकर चीमा पर आरोप लगाए थे। संधू ने कहा था कि वे काफी पहले घोषित कर चुके हैं कि उनकी फरीदकोट जिले की कन्वेंशन 22 अगस्त को कोटकपूरा में रखी है।
चीमा की मंशा ही गलत है, वे चाहते ही नहीं कि हम लोग बैठक में हिस्सा ले सकें। अब चीमा ने बुधवार को होने वाली बैठक 24 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे रख ली। खुद ही आरोप लगाने के बाद अब खैरा गुट के लिए बैठक में न जाना आसान नहीं होगा। अगर वे बैठक में जाते हैं तो इसका मतलब कि वे चीमा को नेता प्रतिपक्ष मानते हैं। चीमा ने कहा कि उन्होंने आज मीडिया में देखा कि संधू ने 22 को बैठक रखने को लेकर उन पर आरोप लगाए थे। इसलिए अब बैठक 24 को रखी गई।
कई विधायक सुबह चंडीगढ़ केलिए निकल चुके थे, उन्हें फोन कर बैठक स्थगित होने की सूचना दी गई। उन्हें उम्मीद है कि 24 को पार्टी के सभी बीस विधायक बैठक में शामिल होंगे। वह निजी तौर पर सबको सूचित करेंगे।