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Punjab: पंजाब में सिर्फ 52 फीसदी बच्चों के बने Aadhar card, अब जन्म पंजीकरण भी होगा लिंक
Fri, 02 Dec 2022 09:41 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 02 Dec 2022 09:41 PM IST
सार
भविष्य में बच्चों के नामांकन के बैकलॉग को कम करने के लिए राज्य में आधार-लिंक्ड जन्म रजिस्ट्रेशन शुरू करने का फैसला किया गया। कमेटी ने जिला और ब्लॉक स्तर पर सरकारी अस्पतालों में आधार नामांकन शुरू करने के लिए नए टैबलेट की खरीद को मंजूरी दी है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Adhar Card
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विस्तार
पंजाब में 52 फीसदी बच्चों के ही आधार कार्ड बने हैं हालांकि आधार कवरेज में पंजाब राज्य देश में छठे स्थान पर है। राज्य के मुख्य सचिव विजय कुमार जंजुआ ने शुक्रवार को सूबे में आधार कार्ड प्रोजेक्ट संबंधी विभिन्न गतिविधियों की प्रगति का जायजा लेने के लिए बुलाई बैठक में अधिकारियों को निर्देश जारी किए कि आधार कार्ड के तहत बच्चों को कवर करने के काम में तेजी लाई जाए।
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यूआईडी लागू करने संबंधी कमेटी की मीटिंग में खाद्य एवं सिविल सप्लाई विभाग के डायरेक्टर-कम-रजिस्ट्रार घनश्याम थोरी, जो यूआईडी पंजाब की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं, ने बैठक में बताया कि सेवा केंद्रों, स्कूलों और आंगनबाड़ी में आधार एनरोलमेंट संबंधी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने बताया कि बीते तीन माह के दौरान निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए शुरू की मुहिम के तहत स्कूलों और आंगनबाड़ी में लगभग 80 हजार बच्चों के नाम आधार कार्ड के लिए दर्ज किए हैं।
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भविष्य में बच्चों के नामांकन के बैकलॉग को कम करने के लिए राज्य में आधार-लिंक्ड जन्म रजिस्ट्रेशन शुरू करने का फैसला किया गया। कमेटी ने जिला और ब्लॉक स्तर पर सरकारी अस्पतालों में आधार नामांकन शुरू करने के लिए नए टैबलेट की खरीद को मंजूरी दी है। इसके अलावा आधार नामांकन के लिए बढ़ती संख्या के मद्देनजर सेवा केंद्रों के लिए 350 किटें भी खरीदी जा रही हैं।
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यूआईडीएआई क्षेत्रीय दफ्तर चंडीगढ़ की डीडीजी भावना गर्ग ने बताया कि देश की बालिग आबादी पहले ही कवर की जा चुकी है। अब यूआईडीएआई का इरादा नए नामांकनों को सीमित करने पर है। इस तरह एक उपाय के तौर पर बालिगों के लिए नई सुविधाओं को सिर्फ 10 फीसदी स्थानों तक सीमित करने का फैसला किया गया है। इसके अलावा आधार के लिए निवासी की योग्यता की पुष्टि करने के लिए तस्दीक प्रक्रिया शुरू की गई है। कमेटी ने यह भी फैसला किया कि जिला मुख्यालयों और सब-डिवीजनों के सेवा केन्द्रों समेत कम से कम 100 सेवा केंद्रों में नए नामांकन सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।