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Chandigarh News: आवारा पशुओं से टकराकर घायल युवक की 20 दिन बाद मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
अबोहर।
सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु एक बार फिर जानलेवा साबित हुए। गांव ढाबा कोकरियां निवासी कुलदीप (40) की सड़क हादसे में घायल होने के करीब 20 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद से वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। कुलदीप बाइक पर झोरडखेड़ा से बहादुरखेड़ा की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक सड़क पर आए पशुओं से उसकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुलदीप सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर बठिंडा स्थित एम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कुलदीप चार बच्चों का पिता था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके असमय निधन से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। यह घटना क्षेत्र में सड़कों पर आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन का पशु पकड़ो अभियान लंबे समय से ठप पड़ा है, जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। संवाद
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अबोहर।
सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु एक बार फिर जानलेवा साबित हुए। गांव ढाबा कोकरियां निवासी कुलदीप (40) की सड़क हादसे में घायल होने के करीब 20 दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। हादसे के बाद से वह जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था। कुलदीप बाइक पर झोरडखेड़ा से बहादुरखेड़ा की ओर जा रहा था। इसी दौरान अचानक सड़क पर आए पशुओं से उसकी बाइक टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुलदीप सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक होने पर बठिंडा स्थित एम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया। मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। कुलदीप चार बच्चों का पिता था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके असमय निधन से परिवार पर आर्थिक और मानसिक संकट गहरा गया है। यह घटना क्षेत्र में सड़कों पर आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन का पशु पकड़ो अभियान लंबे समय से ठप पड़ा है, जिससे शहर और ग्रामीण इलाकों में पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। संवाद
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