क्या कट जाएगा सिद्धू का पत्ता! सीएम के करीबी विधायक को मिल रही जल्द बिजली मंत्री बनने की बधाइयां
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विभाग बदले जाने से नाराज होकर करीब एक माह से अपना नया विभाग नहीं संभाल रहे कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू का कैप्टन सरकार में भविष्य क्या होगा, इस पर अभी फैसला नहीं हुआ है। लेकिन प्रदेश कांग्रेस के एक सीनियर नेता और दलित वर्ग से संबंधित विधायक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद अपने करीबियों को फोन पर जल्द बिजली मंत्री बनने का दावा कर बधाइयां लेनी शुरू कर दी हैं।
पिछले दिनों विधायक अपने परिजनों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे। हालांकि मुलाकात को एक औपचारिक भेंट के रूप में ही देखा गया था लेकिन यह भी माना जा रहा था कि वे अपने परिवार के किसी सदस्य को बोर्ड-निगम की चेयरमैनी दिलाना चाह रहे हैं। शुक्रवार को विधायक को कुछ करीबियों ने मीडिया से विधायक के बिजली मंत्री बनने को लेकर पूछताछ शुरू की तो पूरा वाक्या सामने आया।
करीबियों ने बताया कि विधायक ने फोन पर उन्हें बताया है कि मुख्यमंत्री से उनकी बात हो गई है और वे जल्दी ही बिजली मंत्री बन जाएंगे। करीबियों ने उन्हें अग्रिम बधाई भी दे डाली। खास बात यह भी है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में इस विधायक को एक निगम का चेयरमैन नियुक्त किया है। तब तक वे मंत्री पद के दावेदारों की कतार में भी थे और चेयरमैन बनने पर यह मान लिया गया था कि अब उन्हें मंत्री नहीं बनाया जाएगा।
ताजा चर्चा से यह बात जोर पकड़ने लगी है कि उक्त विधायक की बिजली मंत्री की कुर्सी पर नजरें टिकी हैं। बता दें कि विधायक ने प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए भी काफी कोशिश की थी लेकिन सफलता नहीं मिली। उस समय भी उन्होंने अपने कुछ करीबियों को पहले ही बता दिया था कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।
इस बार भी संभवत: उन्हें किसी ने बिजली मंत्री बनाए जाने का भरोसा दिया है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने बीते दिनों बिजली विभाग के आला अफसरों की बैठक की अध्यक्षता करके यह संकेत दिए कि मंत्री की गैरमौजूदगी में बिजली विभाग के कामकाज पर उनकी नजर रहेगी। वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू के बारे में क्या फैसला होगा, यह पार्टी आलाकमान से विचार विमर्श के बाद सामने आएगा। फिलहाल पार्टी अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष तय करने में व्यस्त है और प्रदेशों के मसले ठंडे बस्ते में पड़े हैं।
अगले हफ्ते हो सकती हैं कई सियासी नियुक्तियां
प्रदेश कांग्रेस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अगले हफ्ते मुख्यमंत्री की ओर से बोर्ड-निगमों आदि में नियुक्तियों का एलान किया जा सकता है। दरअसल, सरकार के ढाई साल का कार्यकाल बीत जाने के बाद भी सियासी ओहदों के इच्छुक पार्टी वर्कर, वह नेता जिन्हें चुनाव में टिकट नहीं मिला और मंत्री नहीं बन सके कुछ विधायक बार-बार मुख्यमंत्री और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष से तकाजा कर रहे हैं। इस दौरान, कई रिटायर ब्यूरोक्रेट्स की नियुक्तियों ने उनमें रोष भी बढ़ा दिया है कि मुख्यमंत्री पार्टी वर्करों की ओर ध्यान नहीं दे रहे।