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90 दिन, 150 सपने: स्टार्टअप हब बनने की राह पर चंडीगढ़
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ उद्योग विभाग ने शहर को देश के बड़े स्टार्टअप केंद्रों की कतार में खड़ा करने का लक्ष्य रखा है। विभाग ने चंडीगढ़ स्टार्टअप नीति को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। अगले तीन महीनों (90 दिन) के भीतर 150 नए स्टार्टअप की पहचान कर उन्हें मान्यता देने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह मुहिम युवाओं और नए उद्यमियों को बिना किसी देरी के आगे बढ़ने के बेहतरीन मौके प्रदान करेगी। विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक करीब 25 स्टार्टअप्स ने आवेदन भी कर दिया है। नए स्टार्टअप की खोज, उनका पंजीकरण और उन्हें आगे बढ़ाने की पूरी प्रक्रिया को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन वर्तमान में अपनी विभिन्न नीतियों के माध्यम से 65,000 से अधिक उद्यम-पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भी लगातार सहयोग दे रहा है।
मुख्य सचिव के निर्देश
हाल ही में चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने इस संबंध में समयबद्ध निर्देश जारी किए थे। उनके आदेशों के बाद उद्योग विभाग पूरी तरह से सक्रियता से काम कर रहा है। विभाग ने नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाई है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा उद्यमियों को त्वरित सहायता और अवसर उपलब्ध कराना है।
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रैंप बनेगा मददगार
इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए उद्योग विभाग रैंप माध्यम का सहारा ले रहा है। रैंप का पूरा नाम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाना और गति देना है। इसके जरिये नए उद्यमियों और युवाओं को कारोबार को बढ़ावा देने के आधुनिक गुर सिखाए जा रहे हैं। उन्हें नई जानकारियों से भी लगातार अपडेट किया जा रहा है ताकि वे बाजार में सफल हो सकें।
कोट्स
हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द नए स्टार्टअप को इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के साथ जोड़ा जाए। हमने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। रैंप के माध्यम से स्थापित उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा उद्योग की जानकारियां देने के साथ ही नए युवाओं को इस मुहिम का हिस्सा बनाया जा रहा है। -प्रद्युमन सिंह, निदेशक, उद्योग विभाग, चंडीगढ़
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यह मुहिम युवाओं और नए उद्यमियों को बिना किसी देरी के आगे बढ़ने के बेहतरीन मौके प्रदान करेगी। विभाग के सूत्रों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक करीब 25 स्टार्टअप्स ने आवेदन भी कर दिया है। नए स्टार्टअप की खोज, उनका पंजीकरण और उन्हें आगे बढ़ाने की पूरी प्रक्रिया को तेज गति से पूरा किया जा रहा है। चंडीगढ़ प्रशासन वर्तमान में अपनी विभिन्न नीतियों के माध्यम से 65,000 से अधिक उद्यम-पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को भी लगातार सहयोग दे रहा है।
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मुख्य सचिव के निर्देश
हाल ही में चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद ने इस संबंध में समयबद्ध निर्देश जारी किए थे। उनके आदेशों के बाद उद्योग विभाग पूरी तरह से सक्रियता से काम कर रहा है। विभाग ने नए स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लाई है। इसका मुख्य उद्देश्य युवा उद्यमियों को त्वरित सहायता और अवसर उपलब्ध कराना है।
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रैंप बनेगा मददगार
इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए उद्योग विभाग रैंप माध्यम का सहारा ले रहा है। रैंप का पूरा नाम सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के प्रदर्शन को बढ़ाना और गति देना है। इसके जरिये नए उद्यमियों और युवाओं को कारोबार को बढ़ावा देने के आधुनिक गुर सिखाए जा रहे हैं। उन्हें नई जानकारियों से भी लगातार अपडेट किया जा रहा है ताकि वे बाजार में सफल हो सकें।
कोट्स
हमारा लक्ष्य है कि जल्द से जल्द नए स्टार्टअप को इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के साथ जोड़ा जाए। हमने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। रैंप के माध्यम से स्थापित उद्यमियों को ज्यादा से ज्यादा उद्योग की जानकारियां देने के साथ ही नए युवाओं को इस मुहिम का हिस्सा बनाया जा रहा है। -प्रद्युमन सिंह, निदेशक, उद्योग विभाग, चंडीगढ़