{"_id":"5b352ac74f1c1b6c4d8b9245","slug":"800-new-doctors-and-senior-citizen-center-approved-in-pgi-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"PGI में 800 नए डाक्टर व सीनियर सिटीजन सेंटर मंजूर, गवर्ननिंग बॉडी की मीटिंग में मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PGI में 800 नए डाक्टर व सीनियर सिटीजन सेंटर मंजूर, गवर्ननिंग बॉडी की मीटिंग में मिली मंजूरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 29 Jun 2018 09:39 AM IST
विज्ञापन
पीजीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मरीजों और पीजीआई के हित से संबंधित कई बड़े फैसलों की मंजूरी मिल गई है। इससे न सिर्फ मरीजों को राहत मिलेगी बल्कि डाक्टरों का बोझ भी कम होगा। नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के नेतृत्व में आयोजित मीटिंग में 800 नए डाक्टरों के पदों की मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही सीनियर सिटीजन सेंटर और फैमिली मेडिसिन के कोर्स को मंजूरी दे दी है।
311 फेकल्टी, 287 जूनियर रेजिडेंट व 129 सीनियर रेजिडेंट्स
सूत्रों के मुताबिक कुल 844 डॉक्टरों की पोस्ट में 311 फेकल्टी मेंबर, 287 जूनियर रेजिडेंट्स, 129 सीनियर रेजिडेंट्स, 35 सीनियर व जूनियर डिमॉनस्ट्रेटर और 82 पोस्ट डीएम व एमसीएच की होंगी। पीजीआई में इस समय कुल 554 पोस्ट है। इनमें से 484 पोस्ट भरी हैं। इसके अलावा पीजीआई डाक्टरों के प्रमोशन को भी हरी झंडी मिल गई है।
इनमें 17 डाक्टरों को असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर नियुक्ति दी गई है, जबकि 30 में से 29 एडिशनल प्रोफेसरों को प्रोफेसर के पद पर प्रमोट किया गया है। जबकि पांच डाक्टरों का प्रमोशन रोक दिया गया है। इनमें से तीन के खिलाफ चार्ज हैं, जबकि दो डाक्टरों ने प्रमोशन में हिस्सा नहीं लिया था।
विज्ञापन
सीनियर सिटीजन सेंटर की मंजूरी
गवर्निंग बाडी की मीटिंग में सीनियर सिटीजन बनाने की भी मंजूरी दे दी गई है। 480 करोड़ रुपये से बनने वाले सीनियर सिटीजन सेंटर बनाने का मकसद बुर्जुगों को एक छत के नीचे सभी स्पेशलिस्ट सुविधाएं देने है। यह उत्तर भारत का पहला सेंटर होगा। इससे सीनियर सिटीजन के इलाज में काफी मदद मिलेगी।
पूर्व डायरेक्टर को सेवामुक्त प्रोफेसर का प्रस्ताव पेंडिंग
गवर्ननिंग बाडी की मीटिंग में पूर्व डायरेक्टर प्रो. वाइके चावला और पूर्व कार्यवाहक डायरेक्टर सुभाष वर्मा को सेवामुक्त प्रोफेसर के प्रस्ताव को फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है। मीटिंग में उनके प्रस्ताव को दोबारा से डिटेल रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इनके प्रोफेसर बनने से पीजीआई को क्या फायदा होगा। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम कहा कि, 15 सालों में पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में डाक्टरों के नए पद स्वीकृत किए गए हों। इसके लिए मैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार जताना चाहता हूं। इससे न सिर्फ पीजीआई की क्षमता बढ़ेगी बल्कि मरीजों को भी काफी राहत मिलेगी।
विज्ञापन
311 फेकल्टी, 287 जूनियर रेजिडेंट व 129 सीनियर रेजिडेंट्स
सूत्रों के मुताबिक कुल 844 डॉक्टरों की पोस्ट में 311 फेकल्टी मेंबर, 287 जूनियर रेजिडेंट्स, 129 सीनियर रेजिडेंट्स, 35 सीनियर व जूनियर डिमॉनस्ट्रेटर और 82 पोस्ट डीएम व एमसीएच की होंगी। पीजीआई में इस समय कुल 554 पोस्ट है। इनमें से 484 पोस्ट भरी हैं। इसके अलावा पीजीआई डाक्टरों के प्रमोशन को भी हरी झंडी मिल गई है।
विज्ञापन
इनमें 17 डाक्टरों को असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर नियुक्ति दी गई है, जबकि 30 में से 29 एडिशनल प्रोफेसरों को प्रोफेसर के पद पर प्रमोट किया गया है। जबकि पांच डाक्टरों का प्रमोशन रोक दिया गया है। इनमें से तीन के खिलाफ चार्ज हैं, जबकि दो डाक्टरों ने प्रमोशन में हिस्सा नहीं लिया था।
विज्ञापन
सीनियर सिटीजन सेंटर की मंजूरी
गवर्निंग बाडी की मीटिंग में सीनियर सिटीजन बनाने की भी मंजूरी दे दी गई है। 480 करोड़ रुपये से बनने वाले सीनियर सिटीजन सेंटर बनाने का मकसद बुर्जुगों को एक छत के नीचे सभी स्पेशलिस्ट सुविधाएं देने है। यह उत्तर भारत का पहला सेंटर होगा। इससे सीनियर सिटीजन के इलाज में काफी मदद मिलेगी।
पूर्व डायरेक्टर को सेवामुक्त प्रोफेसर का प्रस्ताव पेंडिंग
गवर्ननिंग बाडी की मीटिंग में पूर्व डायरेक्टर प्रो. वाइके चावला और पूर्व कार्यवाहक डायरेक्टर सुभाष वर्मा को सेवामुक्त प्रोफेसर के प्रस्ताव को फिलहाल मंजूरी नहीं मिली है। मीटिंग में उनके प्रस्ताव को दोबारा से डिटेल रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा कि इनके प्रोफेसर बनने से पीजीआई को क्या फायदा होगा। इस आधार पर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
पीजीआई के डायरेक्टर प्रो. जगतराम कहा कि, 15 सालों में पहली बार है कि इतनी बड़ी संख्या में डाक्टरों के नए पद स्वीकृत किए गए हों। इसके लिए मैं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का आभार जताना चाहता हूं। इससे न सिर्फ पीजीआई की क्षमता बढ़ेगी बल्कि मरीजों को भी काफी राहत मिलेगी।