उफान पर नदियां: हिमाचल में 766 लोगों का किया गया रेस्क्यू, सेना-वायुसेना और NDRF राहत एवं बचाव में जुटी
डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि अभी तक कुल 766 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 213 को चॉपर, 422 लोगों को बोट और 131 लोगों को अन्य माध्यमों से निकाला गया है। पंजाब से सटे इंदौरा उपमंडल में अभी 493 लोगों का रेस्क्यू किया गया है।
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिला के इंदौरा और फतेहपुर में चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के बीच बुधवार को 766 लोगों को रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू ऑपरेशन में एयरफोर्स के 2 एमआई-17 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा भारतीय सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस के जवान भी बचाव कार्य में लगे हैं।
उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि अभी तक कुल 766 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 213 को चॉपर, 422 लोगों को बोट और 131 लोगों को अन्य माध्यमों से निकाला गया है। पंजाब से सटे इंदौरा उपमंडल में अभी 493 लोगों का रेस्क्यू किया गया है।
इनमें से हेलीकॉप्टर की तीन उड़ानों के माध्यम से 71 लोगों को एयरलिफ्ट किया गया। बोट से 422 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। मंड घंडरा से 25, अरनी विश्वविद्यालय से 30, बडाला से 16, बेला इंदौरा से 72, मंड भोगरवां से 45, मंड मियानी से 181, उलैड़ियां से 102, धमेटा से नौ और हलेर से 13 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं।
फतेहपुर उपमंडल में अभी तक कुल 273 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इनमें से 142 लोगों को एयरफोर्स के चॉपर की छह उड़ानों के माध्यम से एयरलिफ्ट किया गया। वहीं, 131 लोगों को अन्य माध्यमों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। निपुण जिंदल ने बताया कि हेलीपैड से एचआरटीसी की बस से लोगों को राहत शिविरों में भेजा जा रहा है।
सतलुज नदी में बढ़ा जलस्तर, बाढ़ की चपेट में गांव
भाखड़ा बांध से सतलुज नदी में पानी छोड़ने के बाद नदी किनारे बसे दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। एनडीआरएफ ने लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। हिमाचल प्रदेश में पिछले दिनों से हो रही बारिश के बाद भाखड़ा बांध में पानी का स्तर बढ़ गया था। इसके बाद भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने पानी सतलुज नदी में छोड़ दिया।
सतलुज में पानी छोड़ने के बाद नदी किनारे बसे नंगल से लेकर रोपड़ तक दर्जनों गांवों में पानी भर गया है। गांव भलान, भनाम, लोद्धीपुर, हरसबेला, बेला ध्याना, चंदपुर बेला, गज्जपुर बेला के अलावा कई गांवों में बाढ़ के हालात हैं। खेतीबाड़ी के अलावा लोगों के मवेशियों का भी नुकसान हुआ है। लोग घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं। हलका विधायक एवं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस भी पीड़ितों से मिल रहे हैं।