Budget 2024: पंजाब के 74 हजार कर्मचारियों को मिलेगा आयुष्मान भारत योजना का लाभ, किसानों को भी होगा फायदा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं को आयुष्मान योजना से जोड़ने की घोषणा की है। इससे पंजाब के 74 हजार कर्मियों को योजना का सीधा लाभ मिलेगा। इन कर्मियों को सालाना पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज मुहैया कराया जाएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अंतरिम बजट-2024 में केंद्रीय वित्तीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थ वर्करों को आयुष्मान योजन के साथ जोड़कर बड़ी घोषणा की है। आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा में सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी शामिल किया जाएगा।
इन तीनों वर्ग के कर्मियों को सालाना पांच लाख रुपये तक का निशुल्क इलाज मुहैया कराया जाएगा। अगर पंजाब की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग के अधीन 21,470 आशा कार्यकर्ता, 21,828 आंगनबाड़ी और करीब 30 हजार सहायिकाएं हैं। करीब 74 हजार कर्मियों को आयुष्मान भारत योजना का सीधा लाभ पहुंचेगा।
पंजाब में ब्रेस्ट कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर सर्वाधिक
बजट में 9 से 14 साल की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर का टीका लगाने की घोषणा की है। बता दें कि पंजाब देश में पहला ऐसा राज्य है, जहां सर्वाइकल कैंसर को जड़ से खत्म करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद से एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत की गई थी। प्रदेश में प्रत्येक एक लाख में 13 महिलाएं इससे ग्रसित हैं। सर्वाइकल कैंसर इन दिनों एक गंभीर बीमारी बनती जा रही है।
ई-नाम पोर्टल से जुड़े हैं पंजाब के 2.17 लाख किसान
अंतरिम बजट में इलेक्ट्रॉनिक नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) पोर्टल से किसानों को जोड़कर उनकी फसल की सीधी खरीद से उनका मुनाफा बढ़ाने की बात कही गई। बजट में बताया गया कि देशभर में ई-नाम के तहत 1,361 मंडियों को एकीकृत किया गया है। इससे 3 लाख करोड़ रुपये की खरीद-फरोख्त के साथ 1.8 करोड़ किसानों को सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
पंजाब की अगर बात करें तो ई-नाम पोर्टल की सुविधा का दो लाख 17 हजार 426 किसान लाभ उठा रहे हैं। इसी के साथ 8,703 कमीशन एजेंट और 2,423 लाइसेंसी ट्रेडर जुड़े हैं। ई-ट्रेड पोर्टल के जरिये पंजाब के किसानों की कुल पैदावार की 28.10 लाख टन की खरीद-फरोख्त होती है। इसमें आलू, बासमती चावल, मक्का, किन्नू, मूंग, रुई, हरी मटर, शिमला मिर्च, तरबूज और सरसों की पैदावार मुख्य रूप से शामिल है।