मतदान से 72 घंटे पहले कैदियों से मिलने पर रोक, ये नियम भी लागू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब गृह विभाग ने राज्य में केंद्रीय, जिला एवं सब जेलों में चार फरवरी को विधानसभा के लिए होने वाले मतदान से 72 घंटे पहले से पोलिंग बूथ तक कैदियों से मुलाकात करने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं।
इस संबंधी फैसला पंजाब सरकार के उच्च अधिकारियों की ओर से भारतीय चुनाव आयोग से बीती सांय हुई बैठक के बाद लिया गया। अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) केबीएस सिद्धू ने बताया कि चार फरवरी को चुनाव के मद्देनजर पंजाब सरकार की ओर से पहले ही छुट्टी की घोषणा की जा चुकी है।
इस कारण चार फरवरी को भी जेलों में मुलाकात पर रोक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि किसी विशेष स्थति में मुलाकात करने की आज्ञा केवल अतिरिक्त डीजीपी (जेल) की स्वीकृति से ही दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि 5 फरवरी को आम स्थितियों में मुलाकातों पर रोक रहती है, लेकिन चुनाव के मद्देनजर इस रविवार को लोग कैदियों से मुलाकात कर सकेंगे।
माफी, रिहाई या सजा में छूट भी नहीं दी जाएगी
सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि आदर्श चुनाव आचार संहिता तहत गृह विभाग की ओर से अरजी रिहाई, समय से पूर्व रिहाई, सजा में छूट और माफी की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई है।
उन्होंने बताया कि यदि किसी सक्षम अथारिटी की ओर से उपरोक्त रिहाइयों संबंधी आदेश जारी किए जा चुके हैं पंरतु अभी लागू नहीं हुए, उन स्थितियों में यह आदेश मतदान तक लागू नही होंगे।
किसी सक्षम न्यायिक अदालत की ओर से किसी विशेष केस में समयबद्ध रिहाई संबंधी आदेशों पर यह आदेश लागू नही होंगे। इसके अतिरिक्त यह स्पष्ट किया गया है कि सक्षम न्यायिक अदालत की ओर से जारी रिहाई आदेशों और जमानतों पर भी यह आदेश लागू नही होंगे।
प्रवक्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव के दौरान जेलों में बंद कैदियों की ओर से किसी भी प्रकार की गड़बड़ी फैलाये जाने को रोकने के लिए यह थोडे़ समय की योजना लागू की गई है।