राम रहीम की उम्रकैद की सजा के बाद 70 करीबियों ने बंद किया मोबाइल, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
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छत्रपति रामचंद्र हत्याकांड में राम रहीम को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद के उसके 70 से अधिक करीबियों ने मोबाइल बंद कर लिए, जबकि 12 के मोबाइल नंबर ऑन मिले। विभिन्न स्थानों की पुलिस ने करीबियों के मोबाइल के संबंध में अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। फैसले के बाद पुलिस अनुयायियों और करीबियों पर विशेष नजर रख रही थी।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को आशंका थी कि राम रहीम पर फैसले के बाद कुछ लोग हिंसा भड़का सकते हैं। ऐसी आशंका के मद्देनजर रोहतक समेत विभिन्न जिलों में जहां हाई अलर्ट किया गया था, वहीं राम रहीम के करीबियों और अनुयायियों पर भी पुलिस की नजर थी। प्रदेश भर के सैकड़ों करीबियों के मोबाइल नंबर भी पुलिस और खुफिया विभाग ने जुटाए थे, जिनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही थी।
फैसले के बाद पुलिस ने राम रहीम के 82 करीबियों के मोबाइल पर कॉल की, जिनमें से 70 नजदीकियों के मोबाइल नंबर स्विच ऑफ मिले, जबकि मात्र 12 से ही बात हो सकी। हालांकि कुछ अन्य के मोबाइल नंबर पुलिस के पास नहीं थे।
सभी थाना पुलिस ने राम रहीम के करीबियों के मोबाइल नंबर खुले और बंद होने के संबंध में अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी। रोहतक के एसपी जशनदीप सिंह रंधावा ने बताया कि सजा के बाद राम रहीम के अनुयायियों पर नजर रखी गई। कुछ नजदीकियों ने सजा के बाद मोबाइल ही बंद कर लिए थे।
नामचर्चा घर पर लटका रहा ताला, पुलिस रही तैनात
अस्थल बोहर गांव के नामचर्चा घर पर राम रहीम पर आने वाले फैसले के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात की गई थी। दिनभर नामचर्चा घर पर ताला लटका रहा। पुलिस के अलावा सीआईडी भी नामचर्चा घर पर नजर रखे हुए थी।
साहब, अब हम राम रहीम के अनुयायी नहीं है
रोहतक, सिरसा, फतेहाबाद, सोनीपत के कुछ राम रहीम के अनुयायियों के घर पर पुलिस पहुंची तो उनके परिजनों ने कहा कि वह अब राम रहीम के सेवक नहीं है। दुष्कर्म के मामले में सजा के बाद से ही उन्होंने राम रहीम से नाता तोड़ लिया था। पुलिस ने उक्त लोगों द्वारा दिए गए जवाब से अधिकारियों को अवगत कराया है।