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संजीव महाजन के एक खाते से 70 लाख का लेनदेन, चार नए खाते मिले
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चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस को पत्रकार संजीव महाजन के चार नए बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें से एक खाते से लगभग 70 लाख रुपये का लेनदेन हुआ है। अब तक संजीव महाजन के कुल 11 बैंक खाते मिल चुके हैं। वहीं पुलिस को संजीव महाजन की पत्नी के भी कई बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें बड़ी रकम की लेनदेन की गई है। अब इन लेनदेन के बारे में पुलिस जांच कर रही है।
एक ओर पुलिस संजीव महाजन के खातों की छानबीन में जुटी है, वहीं दूसरी ओर नकली राहुल मेहता को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उसकी आखिरी लोकेशन महाराष्ट्र व उससे सटे सीमावर्ती क्षेत्रों के पास मिली है। पुलिस को शक है कि वह अपने किसी रिश्तेदार के घर पर छिपकर बैठा है। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम को रवाना कर दिया गया है। मामले में अभी आरोपी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, खलिंदर सिंह कादियान, सौरव गुप्ता, अशोक अरोड़ा, शेखर और दलजीत सिंह फरार चल रहे हैं।
महाजन ने दायर की जमानत याचिका, कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
आरोपी संजीव महाजन ने पहली बार बुधवार को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। महाजन की याचिका पर अदालत ने पुलिस को जवाब देने के लिए नोटिस दिया है। मामले की सुनवाई अब वीरवार को होगी। महाजन को पुलिस ने दो मार्च को गिरफ्तार किया था, तब से वह न्यायिक हिरासत में है। महाजन के वकील राजेश शर्मा ने जमानत याचिका में कहा कि महाजन ने कई सरकारी अफसरों, नेताओं और बड़े अपराधियों के गलत हरकतों को उजागर किया था इसलिए पुलिस उन्हें निशाना बना रही है और उन पर झूठा केस दर्ज किया है जबकि महाजन का इस संपत्ति को कब्जाने में कोई हाथ नहीं है। पुलिस महाजन की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। शर्मा ने कहा कि रिमांड और घर की तलाशी के दौरान पुलिस को महाजन से कोई विवादित सामान बरामद नहीं हुआ है। वहीं, हिरासत के दौरान पुलिस ने महाजन से जबरदस्ती बयान लिखवाए हैं।
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जमानत दी तो केस हो सकता है प्रभावित : पुलिस
कोठी खरीदने वाले आरोपी सौरव गुप्ता और उसके भाई मनीष गुप्ता ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि वह आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित हैं। सौरव की याचिका में कहा गया कि उसे कोठी विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं। अगर उसे विवाद के बारे में पता होता तो वह कोठी पर अपने 3 करोड़ रुपये निवेश नहीं करता। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे इंसाफ दिलाने की बजाय उल्टा उसके खिलाफ ही केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अदालत में जवाब देते हुए कहा है कि इन दोनों को अगर जमानत दी गई तो ये केस प्रभावित हो सकता है। अब इनकी जमानत याचिका पर वीरवार को अदालत अपना फैसला सुना सकती है।
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एक ओर पुलिस संजीव महाजन के खातों की छानबीन में जुटी है, वहीं दूसरी ओर नकली राहुल मेहता को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उसकी आखिरी लोकेशन महाराष्ट्र व उससे सटे सीमावर्ती क्षेत्रों के पास मिली है। पुलिस को शक है कि वह अपने किसी रिश्तेदार के घर पर छिपकर बैठा है। आरोपी को पकड़ने के लिए टीम को रवाना कर दिया गया है। मामले में अभी आरोपी शराब कारोबारी अरविंद सिंगला, खलिंदर सिंह कादियान, सौरव गुप्ता, अशोक अरोड़ा, शेखर और दलजीत सिंह फरार चल रहे हैं।
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महाजन ने दायर की जमानत याचिका, कोर्ट ने पुलिस से मांगा जवाब
आरोपी संजीव महाजन ने पहली बार बुधवार को जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। महाजन की याचिका पर अदालत ने पुलिस को जवाब देने के लिए नोटिस दिया है। मामले की सुनवाई अब वीरवार को होगी। महाजन को पुलिस ने दो मार्च को गिरफ्तार किया था, तब से वह न्यायिक हिरासत में है। महाजन के वकील राजेश शर्मा ने जमानत याचिका में कहा कि महाजन ने कई सरकारी अफसरों, नेताओं और बड़े अपराधियों के गलत हरकतों को उजागर किया था इसलिए पुलिस उन्हें निशाना बना रही है और उन पर झूठा केस दर्ज किया है जबकि महाजन का इस संपत्ति को कब्जाने में कोई हाथ नहीं है। पुलिस महाजन की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है। शर्मा ने कहा कि रिमांड और घर की तलाशी के दौरान पुलिस को महाजन से कोई विवादित सामान बरामद नहीं हुआ है। वहीं, हिरासत के दौरान पुलिस ने महाजन से जबरदस्ती बयान लिखवाए हैं।
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जमानत दी तो केस हो सकता है प्रभावित : पुलिस
कोठी खरीदने वाले आरोपी सौरव गुप्ता और उसके भाई मनीष गुप्ता ने जिला अदालत में जमानत याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि वह आरोपी नहीं बल्कि पीड़ित हैं। सौरव की याचिका में कहा गया कि उसे कोठी विवाद के बारे में कोई जानकारी नहीं। अगर उसे विवाद के बारे में पता होता तो वह कोठी पर अपने 3 करोड़ रुपये निवेश नहीं करता। पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उसे इंसाफ दिलाने की बजाय उल्टा उसके खिलाफ ही केस दर्ज किया गया। पुलिस ने अदालत में जवाब देते हुए कहा है कि इन दोनों को अगर जमानत दी गई तो ये केस प्रभावित हो सकता है। अब इनकी जमानत याचिका पर वीरवार को अदालत अपना फैसला सुना सकती है।