{"_id":"595e81254f1c1b1c148b47d0","slug":"6-new-judges-to-highcourt-chief-justice-to-give-oath-on-monday","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट को मिले 6 नए जज, सोमवार को चीफ जस्टिस दिलाएंगे शपथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट को मिले 6 नए जज, सोमवार को चीफ जस्टिस दिलाएंगे शपथ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Jul 2017 09:38 AM IST
विज्ञापन
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के छह वकीलों को हाईकोर्ट जज बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। सीनियर एडवोकेट अनिल खेेत्रपाल, अरविंद सिंह सांगवान, राजबीर सेहरावत, महाबीर सिंह सिंधु व सुधीर मित्तल के नाम को वीरवार को कानून एवं न्याय मंत्रालय ने जज बनाने के लिए मंजूरी दे दी। सोमवार को चीफ जस्टिस एसजे वजीफदार इन सभी वकीलों को एडिशनल जज के पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
वीरवार को ही हाईकोर्ट के जस्टिस दर्शन सिंह रिटायर हो गए। इसके बाद हाईकोर्ट में मौजूदा समय में जजों की संख्या 47 हो गई है। इसके साथ ही 6 जुलाई को जस्टिस दर्शन सिंह रिटायर हो गए, वहीं 20 जुलाई को जस्टिस स्नेह पराशर तथा 21 जुलाई को जस्टिस एम जियापॉल की रिटायरमेंट है।
28 जून को ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल गुरविंदर सिंह गिल और जालंधर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजशेखर खत्री को हाईकोर्ट के जज पद की शपथ दिलाई गई थी। हाईकोर्ट में मौजूदा समय में जजों की प्रस्तावित संख्या 85 है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट देश के टॉप तीन हाईकोर्ट में शामिल है जहां सबसे ज्यादा जजों के पद खाली हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
वीरवार को ही हाईकोर्ट के जस्टिस दर्शन सिंह रिटायर हो गए। इसके बाद हाईकोर्ट में मौजूदा समय में जजों की संख्या 47 हो गई है। इसके साथ ही 6 जुलाई को जस्टिस दर्शन सिंह रिटायर हो गए, वहीं 20 जुलाई को जस्टिस स्नेह पराशर तथा 21 जुलाई को जस्टिस एम जियापॉल की रिटायरमेंट है।
विज्ञापन
28 जून को ही हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल गुरविंदर सिंह गिल और जालंधर के डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजशेखर खत्री को हाईकोर्ट के जज पद की शपथ दिलाई गई थी। हाईकोर्ट में मौजूदा समय में जजों की प्रस्तावित संख्या 85 है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट देश के टॉप तीन हाईकोर्ट में शामिल है जहां सबसे ज्यादा जजों के पद खाली हैं।
विज्ञापन
जज के लिए सात नाम भेजे थे, छह को मिली मंजूरी
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
जज के लिए सात नाम भेजे थे, छह को मिली मंजूरी
हाईकोर्ट के कॉलेजियम ने गत वर्ष जून माह में 7 वकीलों के नामों को भी जज के तौर पर नियुक्त किए जाने की सिफारिश भेजी थी। इन नामों पर लंबे समय बाद अब निर्णय हुआ है और 7 में से 6 सीनियर एडवोकेट अनिल खेेत्रपाल, अरविन्द सिंह सांगवान, राजबीर सेहरावत, महाबीर सिंह सिंधु, सुधीर मित्तल, अवनीश झिंगान और हरनरेश सिंह गिल के नाम को मंजूरी केंद्र सरकार ने दे दी है। वर्तमान में हाईकोर्ट में जजों की संख्या 47 हो गई है। हालांकि सोमवार को 6 जजों की शपथग्रहण के साथ ही जजों की संख्या 53 हो जाएगी।
लंबे समय बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या 50 पार करेगी
इसके साथ ही हाईकोर्ट में लंबे समय के बाद जजों की संख्या का आंकड़ा 50 को पार कर जाएगा। बढ़ते ज्यूडिशियल वर्क के बावजूद हाईकोर्ट में लंबा अरसा बीत गया जब जजों की संख्या का आंकड़ा 50 को पार किया हो। अक्सर हालात ऐसे हो जाते हैं कि कार्यरत जजों के पास केस की सूची इतनी लंबी हो जाती है कि पूरा दिन लगाने पर भी सभी केसों की सुनवाई संभव नहीं हो पाती है। हाईकोर्ट में 2 लाख 85 हजार के करीब मामले लंबित पड़े हैं।
हाईकोर्ट के कॉलेजियम ने गत वर्ष जून माह में 7 वकीलों के नामों को भी जज के तौर पर नियुक्त किए जाने की सिफारिश भेजी थी। इन नामों पर लंबे समय बाद अब निर्णय हुआ है और 7 में से 6 सीनियर एडवोकेट अनिल खेेत्रपाल, अरविन्द सिंह सांगवान, राजबीर सेहरावत, महाबीर सिंह सिंधु, सुधीर मित्तल, अवनीश झिंगान और हरनरेश सिंह गिल के नाम को मंजूरी केंद्र सरकार ने दे दी है। वर्तमान में हाईकोर्ट में जजों की संख्या 47 हो गई है। हालांकि सोमवार को 6 जजों की शपथग्रहण के साथ ही जजों की संख्या 53 हो जाएगी।
लंबे समय बाद हाईकोर्ट में जजों की संख्या 50 पार करेगी
इसके साथ ही हाईकोर्ट में लंबे समय के बाद जजों की संख्या का आंकड़ा 50 को पार कर जाएगा। बढ़ते ज्यूडिशियल वर्क के बावजूद हाईकोर्ट में लंबा अरसा बीत गया जब जजों की संख्या का आंकड़ा 50 को पार किया हो। अक्सर हालात ऐसे हो जाते हैं कि कार्यरत जजों के पास केस की सूची इतनी लंबी हो जाती है कि पूरा दिन लगाने पर भी सभी केसों की सुनवाई संभव नहीं हो पाती है। हाईकोर्ट में 2 लाख 85 हजार के करीब मामले लंबित पड़े हैं।