फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   50 thousand quintals of wheat lying in grain market due to lack of lifting

Chandigarh News: उठान न होने से अनाज मंडी में पड़ा 50 हजार क्विंटल गेहूं

Tue, 30 Apr 2024 05:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Apr 2024 05:05 AM IST
विज्ञापन
50 thousand quintals of wheat lying in grain market due to lack of lifting
चंडीगढ़। सेक्टर-39 स्थित अनाज मंडी में गेहूं की आवक बंद हो गई है। वहीं, एफसीआई ने मंडी में आए शत प्रतिशत माल की खरीद कर ली है। इसके बाद भी मंडी से उठान नहीं हो रहा है। इस समय मंडी में गेहूं की एक लाख से ज्यादा बोरियां पड़ी हुई हैं, जिसमें लगभग 50 हजार क्विंटल गेहूं है। एफसीआई फसल की खरीद करने के बावजूद उसका उठान सुनिश्चित नहीं करवा पा रहा है। इससे आढ़ती काफी चिंतित हैं।
विज्ञापन


मंडी के आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुशील मित्तल ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं की क्वालिटी तो काफी अच्छी थी लेकिन फसल के दौरान हुई ओलावृष्टि के कारण इस बार बीते वर्ष की तुलना में आवक लगभग 25 प्रतिशत कम रही। इसलिए खरीद की प्रक्रिया तय समय से पहले ही पूरी हो गई है।
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर मंडी में गेहूं की खरीद बिक्री अप्रैल से शुरू होकर मई के पहले हफ्ते तक चलती है। आवक कम होने के कारण इस बार समय सीमा कम कर दी गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, सुशील मित्तल का कहना है कि एफसीआई इस बार भी पिछले वर्ष की तरह माल खरीदने के बाद उसका उठान सुनिश्चित नहीं करवा रहा है। ऐसे में बार-बार खराब होते मौसम के कारण माल की सुरक्षा को लेकर काफी चिंता हो रही है। फिलहाल तिरपाल लगाकर गेहूं की बोरियों को पानी और ओले से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एफसीआई के अधिकारियों से जब भी माल उठान से संबंधित बात की जा रही है तो वह अगले दिन पर उसे टाल दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed