पिंजौर ब्लास्ट: दो और की मौत, मृतकों की संख्या हुई पांच
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हिमशिखा कॉलोनी में दीवाली से एक दिन पहले हुए सिलेंडर ब्लास्ट में मरने वाले लोगों की संख्या 5 तक पहुंच गई है। शनिवार को रात सचिन के अलावा देर रात अन्य दो ने भी दम तोड़ दिया। जिसमें मकान मालिक का बड़ा बेटा और पहलवान के नाम से मशहूर उनका एक पड़ोसी भी शामिल है। मरने वालों में वे लोग तो शामिल हैं ही, जिनके घर में ब्लास्ट हुआ। इसके अलावा वह लोग भी हैं जो परिवार को बचाने के लिए पहुंचे थे।
एक ही परिवार के 3 की मौत
मकान नंबर 349 के मकान मालिक कृष्णपाल बंसल जिनके घर में ब्लास्ट हुआ था उनकी गत वीरवार की रात उपचार के दौरान मौत हो गई थी। कृष्णपाल बंसल के अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी शामिल हुए थे। शनिवार रात करीब 8 बजे मृतक कृष्णपाल बंसल के छोटे बेटे सचिन बंसल की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
शनिवार को ही देर रात मृतक कृष्णपाल बंसल के बड़े बेटे विकास बंसल और इनका पड़ोसी योगेश शर्मा की भी मौत हो गई। अब कृष्णपाल बंसल के परिवार में उनकी पत्नी, दो पोते और और दो बहू ही हैं। जिसमें से मृतक की सबसे छोटी बहू भी आग में बुरी तरह झुलसी है।
परिवार का आखिरी सहारा भी नहीं रहा
पहलवानी के अखाड़े में दूसरे पहलवानों को धूल चटाने वाला शक्ति भवन पंचकूला बिजली विभाग में कार्यरत योगेश शर्मा उर्फ पहलवान ने भी 4 दिन अस्पताल में मौत से जूझते हुए शनिवार को देर रात दम तोड़ दिया। योगेश शर्मा हिमशिखा कॉलोनी में पहलवान के नाम से जाना जाता था।
अपने पिता की एक सड़क दुर्घटना में मौत होने के बाद उनकी जगह शक्ति भवन पंचकूला में लगा था। पिता के साथ हुई सड़क दुर्घटना में उसकी माता को भी चोटें आईं थीं। जिस कारण वे पैरों से सही नहीं चल पाती थीं। योगेश शर्मा का बड़ा भाई नरेंद्र शर्मा भी घटना वाले दिन आग से झुलस जाने के कारण अस्पताल में उपचाराधीन है।
एक ही दिन में जली तीन चिताएं
रविवार को सचिन बसंल, विकास बंसल और योगेश शर्मा की चिताएं जलाई गई। अंतिम संस्कार में पूरी हिमशिखा कॉलोनी के साथ साथ आसपास के लोग भी शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से उन्हें विदाई दी। उन्होंने बाकी उपचाराधीन घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने भगवान से दुआ की।
लोगों की मांग:
कॉलोनी निवासी और कांग्रेस नेता नरेश मान, निवासी पूर्व पार्षद जगमोहन धीमान, इनेलो नेता गफूर मोहम्मद, उचित सूद के साथ लोगों ने मांग की है कि मरने वाले अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। इसलिए सरकार को आर्थिक सहायता के अलावा उनकी मौत के बाद परिवार में से कम से कम एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देनी चाहिए।
कॉलोनी के लोगों ने सरकार से कहा है कि मामले को गंभीरता से लिया जाए। इन लोगों ने कहा कि विकास भारद्वाज उर्फ बॉक्सर ने अपनी जान पर खेलकर कॉलोनीवासियों की जान बचाई है। योगेश शर्मा ने भी पड़ोसी होने के नाते पीड़ित परिवार की मदद के दौरान जान गंवाई है। इसलिए मरने वालों को वीरता पुरस्कार देना चाहिए।