जनता को दफ्तरों के चक्कर काटने से मिला छुटकारा, हरियाणा में 491 सेवाएं हुई ऑनलाइन
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हरियाणा में अभी तक अंत्योदय सरल पोर्टल पर 37 विभागों की 491 सेवाएं ऑनलाइन की जा चुकी है। इसका फायदा शहरों से लेकर ग्रामीण जनता उठा रही है। इन्हीं सेवाओं के अंतर्गत अब तक 32 लाख लोग खुद को इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड करवा चुके हैं।
इसी को लेकर विभागीय अफसर खासे उत्साहित हैं। जबकि मनोहर सरकार का दावा है कि यह सुविधा सूबे में पूर्व में प्रशासनिक व्यवस्था पर हावी दलाल संस्कृति पर बड़ा शिकंजा है।
दरअसल प्रशासनिक व्यवस्था में किसी भी विभाग की योजना के आवेदन से लेकर अलग-अलग सेवाओं के लाभ के लिए एक जाल की भांति व्यवस्था थी।
इससे पहले प्रदेश में लोग किसी योजना व सेवा का लाभ उठाने से पहले योजना को लेकर बेहतर जानकारी के अभाव होने, अलग-अलग के फार्म होने व उन्हें भरने में आने वाली परेशानियों में ही उलझा रहता था। जिससे उसे संबंधित योजना का लाभ मिलने में ही देरी हो जाती थी। लेकिन अंत्योदय सरल प्लेटफार्म के माध्यम से आमजन को एक छत के नीचे योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया गया है।
अब इसी प्लेटफार्म पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग में 1779283, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में 866419, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में 135977, स्वास्थ्य विभाग में 124361, एससी-बीसी कल्याण विभाग में 111974, महिला एवं बाल विकास विभाग में 45699, पशुपालन एवं डेयरी विभाग में 43677, रोजगार विभाग में 40808, श्रम विभाग में 14584 लोगों ने विभिन्न कामों के लिए खुद को पंजीकृत किया है।
सबसे अधिक ऑनलाइन आवेदन
जनवरी 2019 से मई तक 17 लाख आवेदन अलग-अलग माध्यम से विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए आमजन द्वारा किए गए हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो 47 प्रतिशत आवेदन ऑनलाइन, 32 प्रतिशत आवेदन कामन सर्विस सेंटर तथा 21 प्रतिशत आवेदन सरल केंद्रों के माध्यम से हुए हैं।
इसमें जनवरी, फरवरी एवं मार्च माह में ऑनलाइन माध्यम से क्रमश: 70 फीसदी, 57 फीसदी एवं 44 फीसदी आवेदन किए गए, जबकि अप्रैल एवं मई माह में कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से क्रमश: 42 प्रतिशत एवं 40 प्रतिशत आवेदन हुआ है।
हरियाणा में सरल शासन व्यवस्था के लिए रोडमैप तैयार किया गया था, जिसके तहत आमजन को सरल, सभी जरूरी योजनाओं को पाबंद तरीके से लंबे समय तक चलने वाले शासन की आधारशिला रखी गई। इसके तहत हमने ऐसा माहौल बनाया है, जिसमें सभी सरकारी योजनाओं को ऑनलाइन किया, ताकि विभागों की कार्य क्षमता को बढ़ाने, भ्रष्टाचार मिटाने तथा समय-धन की बर्बादी रोकते हुए एक छत के नीचे लाभ मिलना सुनिश्चित किया गया। अब नागरिकों को विभागीय कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। - मनोहर लाल, मुख्यमंत्री हरियाणा