जानिए, इराक में क्यों और किसने कैद किए 40 भारतीय?
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नौकरी करने गए 40 से ज्यादा भारतीय इराक में कैद है। आखिरी बार उनका ठिकाना मोसुल शहर बताया गया था। इस शहर पर सुन्नी आतंकी संगठन आईएसआईएल का कब्जा है। अगवा युवकों में हिमाचल प्रदेश के तीन युवक भी हैं। अल-कायदा समर्थित सुन्नी आतंकियों ने इराक में शिया समुदाय के प्रभाव वाली सरकार के खिलाफ संघर्ष छेड़ रखा है। बर्बर हिंसा के साथ कई शहरों पर कब्जा करते हुए सुन्नी आतंकी राजधानी बगदाद की ओर बढ़ रहे हैं। सुन्नी आतंकी लोकतंत्र के खिलाफ हैं और वे इस्लामी हुकूमत चाहते हैं। कुर्द भी अपना क्षेत्र बचाने के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं। ऐसे में इराक तीन हिस्सों में बंटता दिख रहा है, एक तरफ सुन्नी हैं, दूसरी ओर शिया और तीसरी तरफ कुर्द।
कई पाकिस्तानी, नेपाली नागरिक भी अगवा
सुन्नी आतंकियों ने इराक में किरकुक के पास अस्पताल निर्माण में लगे 60 विदेशी कामगारों का अपहरण कर लिया है। अगवा किए गए लोग पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और तुर्कमेनिस्तान के रहने वाले हैं।
46 भारतीय नर्सों से हुआ संपर्क
इराक के टिकरित शहर के एक अस्पताल में फंसी 46 भारतीय नर्सों से संपर्क हो गया है। टिकरित पर भी आईएसआईएल का कब्जा है। भारतीय दूतावास के आग्रह पर इंटरनेशनल रेड क्रेसेंट ने इन नर्सों से संपर्क किया और उनकी उनके परिजनों से फोन पर बात कराई। उन्हें कुछ खाद्य सामग्री भी दी गई। रेड क्रेसेंट के मुताबिक कई नर्सें बेहद सहमी हुई हैं। भारत सरकार ने अपने संदेश में नर्सों को सलाह दी है कि वे बाहर नहीं निकलें। ज्यादातर नर्सें वहां से लौटना नहीं चाह रही हैं।
भारतीयों का अभी तक सुराग नहीं
इराक में अगवा 40 से ज्यादा पंजाबी युवकों का अब तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को यहां बताया कि ये सभी युवक इराक में बंधक बना लिए गए हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने उप मुख्यमंत्री को फोन करके भरोसा दिलाया है कि केंद्र सरकार अगवा युवकों की सुरक्षित वापसी के लिए हरसंभव उपाय कर रही है।
इराक में संबंधित लोगों से संपर्क साधा
सुखबीर बादल ने बुधवार को यहां पत्रकारों को बताया कि इराक में फंसे पंजाबियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए पंजाब सरकार ने केंद्र से सभी उचित कदम उठाने का आग्रह किया है। सुखबीर के मुताबिक विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आज सुबह फोन करके उन्हें इराक में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
बादल ने कहा, स्वराज ने मुझे बताया कि केंद्र इराक के हालात की लगातार निगरानी कर रहा है और भारतीयों की वापसी के लिए इराक में संबंधित लोगों से संपर्क साधा गया है। हालांकि उप मुख्यमंत्री ने इराक में फंसे भारतीयों की सटीक संख्या तो नहीं बताई लेकिन कहा कि यह 40 से 50 तक हो सकती है।
पंजाब सरकार उठाएगी वापसी का खर्च : बादल
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी स्वराज से संपर्कसाधकर इराक में फंसे पंजाबियों की रिहाई यकीनी बनाने के लिए सभी कदम उठाने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को भी इराक में फंसे पंजाबियों के परिवारों से संपर्क करके ताजा जानकारियां देने के निर्देश दिए हैं।
बादल ने बताया कि इन लोगों की स्वदेश वापसी का सारा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। इस बीच, राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया कि इनमें से अधिकतर अमृतसर जिले और कुछ उनके विधानसभा क्षेत्र मजीठिया से हैं। एनआरआई मामलों के मंत्री तोता सिंह ने भी केंद्र सरकार को पंजाबी युवकों की उनकी सुरक्षा विश्वसनीय बनाने के लिए कहा है।
केंद्र ने हेल्पलाइन शुरू की
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय सामाजिक संस्था इंटरनेशनल रेड क्रेसेंट को भी अगवा भारतीयों के बारे में कोई जानकारी नहीं है और न ही कोई संपर्क हो पा रहा है। अगवा नागरिकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित कराने के लिए मोदी सरकार ने इराक में भारतीय राजदूत रह चुके सुरेश रेड्डी को भी बगदाद भेजा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने बताया कि अगवा युवक मोसुल में तारिक नूर अलहुदा कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार बगदाद में दूतावास को ज्यादा मजबूत बना रही है। अब तक कहीं से फिरौती या अन्य सूचना के लिए भी कोई संपर्क नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा जो भी भारतीय नागरिक लौटना चाहते हैं सरकार उन्हें सुरक्षित लाने के लिए सारे प्रयास करेगी। प्रवक्ता के मुताबिक बगदाद और दिल्ली में विदेश मंत्रालय में 24 घंटे आपात यूनिट काम कर रही है। अब तक 16 परिवारों के फोन कॉल हेल्पलाइन सेंटर को मिले हैं। विदेश मंत्रालय में सचिव पूर्व अनिल वाधवा इराक के मौजूदा हालात को लेकर तमाम अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और मित्र देशों से संपर्क कर हालात पर निगरानी रख रहे हैं।
पंजाब-हरियाणा ने कंट्रोल रूम बनाए
पंजाब और हरियाणा ने इराक में फंसे अपने निवासियों के परिवारों को जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम करने वाले कंट्रोल रूम बनाए हैं। पंजाब सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि पीड़ितों के परिवार कंट्रोल रूम नंबर 0172-2740397 व 2740035 पर संपर्ककर सकते हैं। इसके साथ ही 0172-2740936 पर फैक्स भी किया जा सकता है।
साथ ही प्रभावित परिवारों से अपने टेलीफोन नंबर भी देने के लिए कहा गया है ताकि सूचना मिलते ही उनसे संपर्क किया जा सके। उधर, हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी एक बयान में जानकारी दी है कि वहां फंसे हरियाणा के लोगों के बारे में उनके परिवारों को सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। हुड्डा के प्रधान सचिव डॉ. केके खंडेलवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम का टेलीफोन नंबर 0172-5059197 है। कंट्रोल रूम का प्रभारी हरियाणा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त निदेशक (प्रेस) राजीव खोसला को बनाया गया है। उनसे मोबाइल नंबर 09780177895 पर किसी भी समय संपर्क किया जा सकता है।