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इराक में मारे गए मनजिंद्र सिंह की बहन ने किया खुलासा, बोली- मुझसे बात करें सुषमा स्वराज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 21 Mar 2018 09:55 AM IST
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इराक में मारे गए भारतीय
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इराक के मोसुल में मारे गए 39 भारतीयों में से एक युवक मनजिंद्र सिंह की बहन गुरपिंदर कौर ने बड़ा खुलासा करते हुए अहम जानकारी दी है। राज्यसभा में सुषमा स्वराज के बयान के बाद गुरपिंदर कौर ने कहा कि सभी युवक मारे गए हैं, इसकी जानकारी अभी तक परिवारों को नहीं दी गई है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सीधे राज्यसभा में बयान देकर बता रही हैं कि सभी भारतीय इराक में मारे गए हैं। परिवार वालों को इसके बारे में कुछ भी नहीं पता।
गुरपिंदर कौर ने बताया कि चार दिन पहले ही उनकी मंत्रालय में बात हुई थी, तब तक भी कुछ नहीं बताया कि ऐसा कुछ हुआ है। गुरपिंदर ने बताया कि पिछले चार साल से सुषमा स्वराज हमें आश्वासन दे रही थी कि सभी 39 भारतीय जिंदा हैं और उनके संपर्क में हैं। वे जब भी हमसें मिलती थीं तो यहीं कहती थीं कि सभी बच्चे जिंदा हैं। फिक्र न करें, सभी को वापिस लाया जाएगा। आज वे बयान देकर बता रही हैं कि सभी मारे गए हैं।
गुरपिंदर कौर ने कहा कि मई 2017 के बाद उन्होंने हम सभी से कोई बात नहीं की। जब भी फोन करते तो मंत्रालय से जवाब मिलता कि अभी युवकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब कोई खबर मिलेगी तो बता दिया जाएगा। नवंबर 2017 में हमसें युवकों के डीएनए सैंपल मांगे गए थे। तब भी ये नहीं बताया गया कि सैंपल क्यों लिए जा रहे हैं। न ही कोई आश्वासन दिया गया और न ही कोई जानकारी।
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गुरपिंदर कौर ने बताया कि चार दिन पहले ही उनकी मंत्रालय में बात हुई थी, तब तक भी कुछ नहीं बताया कि ऐसा कुछ हुआ है। गुरपिंदर ने बताया कि पिछले चार साल से सुषमा स्वराज हमें आश्वासन दे रही थी कि सभी 39 भारतीय जिंदा हैं और उनके संपर्क में हैं। वे जब भी हमसें मिलती थीं तो यहीं कहती थीं कि सभी बच्चे जिंदा हैं। फिक्र न करें, सभी को वापिस लाया जाएगा। आज वे बयान देकर बता रही हैं कि सभी मारे गए हैं।
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गुरपिंदर कौर ने कहा कि मई 2017 के बाद उन्होंने हम सभी से कोई बात नहीं की। जब भी फोन करते तो मंत्रालय से जवाब मिलता कि अभी युवकों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब कोई खबर मिलेगी तो बता दिया जाएगा। नवंबर 2017 में हमसें युवकों के डीएनए सैंपल मांगे गए थे। तब भी ये नहीं बताया गया कि सैंपल क्यों लिए जा रहे हैं। न ही कोई आश्वासन दिया गया और न ही कोई जानकारी।
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For past 4 yrs EAM was telling me that they were alive,don't know what to believe anymore.I am waiting to speak with her,no information was given to us,we heard her statement she made in Parliament: Gurpinder Kaur, sister of Manjinder Singh who was among 39 Indians killed in Iraq pic.twitter.com/fwNqRoRPUG
— ANI (@ANI) March 20, 2018
सुषमा स्वराज बताएं कि अवशेष कहां से मिले और कैसे
मनजिंद्र सिंह
गुरपिंदर कौर ने सवाल उठाया है कि सुषमा स्वराज को पहले परिवारों को जानकारी देनी चाहिए थी, उसके बाद देश को बताना चाहिए था। विदेश मंत्री मुझसे बात करें और बताएं कि अवशेष कहां से मिले और कैसे मिले। वे कैसे कह रही हैं कि अवशेष सभी 39 युवकों के ही हैं।
बता दें कि गुरपिंदर कौर अमृतसर के गांव दसूहा से हैं और उन्होंने ही इराक से बचकर लौटे युवक हरजीत मसीह पर आरोप लगाया था। गुरपिंदर कौर निवासी दसूहा ने उस पर आरोप लगाया कि हरजीत मसीह और उसके साथी राजबीर ने उसके भाई मनजिंदर सिंह और अन्य 8 युवकों से पैसे लेकर दुबई भेजने का वादा किया था।
मसीह ने उन्हें इराक भेज तो दिया, लेकिन उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लगा है, जबकि वह खुद बचकर लौट आया है। थाना फतेहगढ़ चूड़ियां के एसएचओ सुखइंदर सिंह ने बताया था कि गुरपिंदर कौर ने मसीह और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने काला अफगाना से हरजीत मसीह को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका साथी फरार हो गया था।
बता दें कि गुरपिंदर कौर अमृतसर के गांव दसूहा से हैं और उन्होंने ही इराक से बचकर लौटे युवक हरजीत मसीह पर आरोप लगाया था। गुरपिंदर कौर निवासी दसूहा ने उस पर आरोप लगाया कि हरजीत मसीह और उसके साथी राजबीर ने उसके भाई मनजिंदर सिंह और अन्य 8 युवकों से पैसे लेकर दुबई भेजने का वादा किया था।
मसीह ने उन्हें इराक भेज तो दिया, लेकिन उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लगा है, जबकि वह खुद बचकर लौट आया है। थाना फतेहगढ़ चूड़ियां के एसएचओ सुखइंदर सिंह ने बताया था कि गुरपिंदर कौर ने मसीह और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट समेत कई धाराओं में केस दर्ज कराया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने काला अफगाना से हरजीत मसीह को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि उसका साथी फरार हो गया था।