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पंजाब चुनाव: कोविड नियमों के साथ पूरा हुआ विस चुनाव, 340 करोड़ हुए खर्च, आचार संहिता उल्लंघन की 22 हजार शिकायतें
Sat, 12 Mar 2022 02:14 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 12 Mar 2022 02:14 PM IST
सार
पंजाब विधानसभा चुनाव में प्रचार के दौरान सिर्फ आचार संहिता के उल्लंघन की 22 हजार शिकायतें दर्ज की गई। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का भी मतदान के दौरान पूरा पालन हुआ। चुनाव में 340 करोड़ रुपये का खर्च हुआ।
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पंजाब विधानसभा चुनाव।
- फोटो : फाइल
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विस्तार
पंजाब के चुनाव में जिस तरह जनता ने बदलाव की बयार बहाई है, उसी तरह सूबे में चुनाव आयोग ने भी कई बदलाव किए थे। कोविड नियमों की पालना के साथ चुनाव करवाना किसी चुनौती से कम नहीं था। आयोग ने नियमों का पालन तो किया ही है, कुछ नई मिसालें भी पेश की हैं। इसके तहत प्रत्येक बूथ पर 50 कुर्सियों का इंतजाम किया गया। लाइनों में खड़े होने के बजाय अधिकतर लोगों ने बैठ कर मतदान की बारी का इंतजार किया। युवाओं का मान सम्मान पूरा रखा जाए इस बात के निर्देश आयोग की तरफ से कर्मचारियों को जारी कर दिए गए थे।
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चुनाव संपन्न होने के बाद अमर उजाला से बातचीत में यह दावा पंजाब के मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस करुणा राजू ने किया। उन्होंने बताया कि मतदान के दौरान एक भी चुनावी हिंसा का मामला दर्ज नहीं किया गया। प्रचार के दौरान सिर्फ आचार संहिता के उल्लंघन की 22 हजार शिकायतें दर्ज की गई। साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का भी मतदान के दौरान पूरा पालन हुआ। चुनाव में 340 करोड़ रुपये का खर्च हुआ।
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2017 में प्रदेश में चार फरवरी को मतदान हुआ था और 11 मार्च 2017 को नतीजे आए थे। इस बार 20 फरवरी को मतदान हुआ और 10 मार्च को नतीजे आए। चुनाव के लिए 25 जनवरी को अधिसूचना जारी की गई थी। चुनाव में नामांकन के लिए 1 फरवरी आखिरी तारीख तय की गई थी। 4 फरवरी को नाम वापसी और 20 फरवरी को मतदान हुआ।
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राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अच्छी बात यह रही कि चुनाव आचार संहिता की आई कुल 22 हजार शिकायतों में से 90 प्रतिशत से अधिक की निराकरण कर दिया गया। 17 हजार शिकायतें विजिल एप के जरिये आयोग को प्राप्त हुईं। 60 हजार अन्य माध्यमों से शिकायतें आयोग को मिलीं। उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य में इस बार चुनाव में एक भी हिंसा का मामला सामने नहीं आया। यह तभी संभव हो पाया जब चुनाव में लगे 2.5 लाख कर्मचारियों ने एक टीम के साथ काम किया। उन्होंने बताया कि चुनाव में जीते 117 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी है।