हरियाणा में 12 लाख बच्चों को बड़ी राहत, 3200 अस्थायी स्कूलों को मिली एक साल की एक्सटेंशन
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हरियाणा के 3200 अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को एक साल की एक्सटेंशन मिल गई है। इससे स्कूलों में पढ़ रहे लगभाग 12 लाख बच्चों को बड़ी राहत मिली है। स्कूल शिक्षा विभाग ने अस्थायी स्कूलों को एक वर्ष की एक्सटेंशन का पत्र जारी कर दिया है। पत्र जारी होने से बोर्ड कक्षाओं में पढ़ने वाले लगभग ढाई लाख बच्चे बोर्ड परीक्षा के फार्म भर सकेंगे।
अस्थायी स्कूलों की मान्यता संबंधी निर्णय और नियमों का सरलीकरण करने के लिए सरकार ने चार सदस्यीय समिति गठित कर दी है। इसमें सेकेंडरी शिक्षा निदेशक, मौलिक शिक्षा निदेशक, हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य प्रोजेक्ट निदेशक और महाधिवक्ता के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। चार सदस्यीय समिति मान्यता से जुड़े मामलों को अगले सत्र से पहले सुलझाएगी।
सरकार ने अभी से साफ कर दिया है कि 2020-21 शैक्षणिक सत्र में अस्थायी मान्यता प्राप्त स्कूलों को कोई एक्सटेंशन नहीं दी जाएगी। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ ने एक वर्ष की एक्सटेंशन मिलने पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल, उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. जगबीर सिंह व सीएम के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर का आभार जताया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, प्रांतीय वरिष्ठ उपप्रधान संजय धत्तरवाल, महासचिव रणधीर पूनिया, प्रेस प्रवक्ता विनय वर्मा, प्रांतीय लीगल एडवाइजर गौरव भुटानी, संरक्षक तेलूराम रामायणवाला, रविंद्र नांदल व उमेश भारद्वाज ने बताया कि अस्थायी स्कूलों को एक्सटेंशन मिलने से स्कूल संचालकों, बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है।
चुनाव से पूर्व स्कूल संचालक एक्सटेंशन लेटर जारी करवाने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिले थे। बीते दो नवंबर को प्रदेश के सभी नवनियुक्त विधायकों को एक्सटेंशन के लिए ज्ञापन भी सौंपे गए। संघ की मांग को बरवाला के विधायक जोगीराम ने विधानसभा सत्र के दौरान उठाया और राहत देने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि नियमों में सरलीकरण कर इन स्कूलों को स्थायी मान्यता दी जाए। उन्होंने शिक्षा बोर्ड प्रशासन से जल्दी इन स्कूलों के लिए संबंद्धता संबंधी कार्य के लिए पोर्टल खोलने की मांग की है ताकि विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा के फार्म भर सकें।