फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   313 cases of corruption pending for five years in Haryana

Haryana News: भ्रष्टाचार के 313 केस पांच साल से लंबित, मुख्य सचिव अफसरों से नाराज

Tue, 13 Dec 2022 11:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 13 Dec 2022 11:49 PM IST
सार

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय कार्रवाई, जुर्माना लगाने के साथ ही विजिलेंस ब्यूरो की सतर्कता विभाग व मुख्यमंत्री को अनुमोदित रिपोर्ट के मामलों में त्वरित कार्रवाई करें।

विज्ञापन
313 cases of corruption pending for five years in Haryana
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में अफसरों के ढुलमुल रवैये पर सरकार सख्त हो गई है। भ्रष्टाचार से जुड़े 313 केस पांच साल से लंबित होने पर मुख्य सचिव संजीव कौशल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने प्रशासनिक सचिवों के पेंच कसते हुए लंबित मामलों को जल्द निपटाकर सरकार को रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

विज्ञापन


कौशल ने मंगलवार को यहां विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों के साथ विजिलेंस की ओर से विभागों को भेजे मामलों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 से केवल मुख्य सतर्कता अधिकारी से ही करवाई जाने वाली जांच के विभिन्न विभागों में 195 मामले लंबित हैं।
विज्ञापन


विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित विभागों की ओर से 118 मामलों में अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सभी विभाग ऐसे मामलों में अपने स्तर पर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करें। 2018 के लंबित मामलों को पहले निपटाएं। विभागों में मुख्य सतर्कता और उप सतर्कता अधिकारी नियुक्त करने की प्रक्रिया चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभागीय कार्रवाई, जुर्माना लगाने के साथ ही विजिलेंस ब्यूरो की सतर्कता विभाग व मुख्यमंत्री को अनुमोदित रिपोर्ट के मामलों में त्वरित कार्रवाई करें। पहले कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार के मामलों को दबा लेते थे और कार्रवाई में देरी होती थी। अब ऐसा नहीं है, खुद मुख्यमंत्री समीक्षा करते हैं।

पोर्टल पर दर्ज कर सकेंगे एटीआर
भ्रष्टाचार के मामलों में एक्शन टेकर रिपोर्ट (एटीआर) अपलोड करने के लिए जल्दी पोर्टल विकसित किया जाएगा। इससे रियल टाइम डाटा उपलब्ध होगा। सेवानिवृत आईएएस, केंद्रीय और स्टेट सर्विस में रहे अधिकारियों को मुख्य सतर्कता, उप सतर्कता अधिकारी लगाने के लिए मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। ये अधिकारियों के नाम शॉर्टलिस्ट करेगी। सीवीओ को संबंधित विभाग से बाहर भी स्टाफ चुनने का अधिकार होगा।

विजिलेंस भेज रहा चार तरह की शिकायतें

  • पहली: वे शिकायतें, जिन पर संबंधित विभाग के प्रशासनिक गंभीरता के अनुरूप कार्रवाई करने का निर्णय ले सकते हैं।
  • दूसरी: ऐसे मामले, जिनकी जांच केवल सीवीओ से ही करवानी अनिवार्य होती है।
  • तीसरी: विभागीय स्तर पर जांच कर र्कारवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट भेजना।
  • चौथी: विजिलेंस ब्यूरो की रिपोर्ट पर संबंधित विभाग की तरफ से होने वाली कार्रवाई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed