'बहादुर' बहनों ने समझौते के लिए रखीं 3 शर्तें
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चलती बस में कथित छेड़छाड़ व मारपीट के मामले में समझौता कराने का प्रयास कर रही दहिया और हुडा खाप की राह आसान नहीं हैं। दरअसल लड़कियां और उनका परिवार तीन शर्तों पर समझौते के लिए तैयार है।
पहली शर्त, खाप पंचायत के बीच में आरोपी पक्ष माफी मांगे। दूसरी खाप पंचायत प्रदेश सरकार से दोनों बहनों का सम्मान बहाल कराएं। तीसरी शर्त में उन्होंने कहा कि माफी मीडिया के सामने मांगी जाए, न की बंद कमरे के बीच।
साथ में पीड़ित परिवार उन लोगों से समझौता नहीं करेगा, जिन्होंने आरोपियों के पक्ष में शपथ पत्र दिए हैं। दहिया खाप को दो टूक कहा गया है कि अगर वे तीनों शर्तों को पूरा करवाती हैं, लड़की पक्ष समझौते के लिए तैयार है।
पिता ने अमर उजाला के सामने बयां किया दर्द
अमर उजाला संवाददाता से बातचीत करते हुए पूजा और आरती के पिता राजेश ने बताया कि सिसाना गांव में हुई हुडा और दहिया खाप की पंचायत के बाद सीधा उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया गया है। हालांकि लड़के पक्ष की तरफ से गठित कमेटी में शामिल सुरेंद्र खत्री से दहिया खाप के प्रधान सुरेंद्र दहिया ने बात की थी।
राजेश ने बताया कि सुरेंद्र ने प्रधान को साफ तौर पर बता दिया कि अगर वे तीनों शर्तों को पूरा करवा पाते हैं तो लड़कियां समझौता कर लेंगी। राजेश का कहना है कि 28 नंवबर से अब तक उसका परिवार हर पल टूटता रहा है। पहले तो लड़कों ने गलती की। इसके बाद समझौते के लिए दबाव डाला। कोर्ट के बयान के बाद फिर धमकी मिलनी शुरू हो गई।
मामला मीडिया में हाईलाइट हुआ, कुछ लोगों ने पुराने मामलों को लेकर शपथ पत्र देने शुरू कर दिए। वीडियो फुटेज डालकर दबाव बनाने का प्रयास किया गया। अगर मीडिया व सामाजिक संगठन उनका साथ नहीं देते तो पूरा परिवार आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाता।