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सेक्टर-63 में थ्री बीएचके फ्लैट 1.05 करोड़ में बिका
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (सीएचबी) ने दूसरे फेज के तहत शहर के चार सेक्टरों में बनी अपनी 79 आवासीय संपत्तियों को बेचने के लिए टेंडर जारी किया था, जिनमें से बोर्ड के पास 27 फ्लैट्स के लिए 97 बोलियां आई हैं। इससे बोर्ड को कुल आरक्षित मूल्य 20.89 करोड़ के मुकाबले 22.58 करोड़ रुपये की बोली मिली है। अब बोर्ड ने इन सभी बोली दाताओं को कुल राशि का 25 प्रतिशत जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएचबी अब तक ई-नीलामी के जरिए आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी करता था, लेकिन इस बार बेहतर प्रस्तावों और गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए टेंडरिंग का सहारा लिया गया। टेंडर में सेक्टर-63, सेक्टर-51, सेक्टर-38 वेस्ट और सेक्टर-49 की 79 संपत्तियों को बेचने के लिए रखा गया था। हालांकि सेक्टर-38 वेस्ट का एक भी फ्लैट चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड बेचने में सफल नहीं हुआ। इसमें सेक्टर-63 का एक तीन बेडरूम का फ्लैट सबसे महंगा बिका है। यहां एक फ्लैट एक करोड़ पांच लाख रुपये में बिका है।
बोर्ड ने 31 मई को बोलियां खोली थीं, जिसमें 27 संपत्तियों के लिए 97 बोली आई थीं। इनमें से जिनके सभी के दस्तावेज पूरे थे, उनकी मंगलवार को वित्तीय बोली खोली गई। इस संबंध में बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार उन्हें ई-टेंडरिंग में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि पिछली बार एक भी व्यक्ति ने रूची नहीं दिखाई थी। सेक्टर-63 के एक तीन बेडरूम फ्लैट के आरक्षित मूल्य और विक्रय मूल्य में 18 लाख 81 हजार का अंतर रहा।
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सभी संपत्तियों की औसतन 8 फीसदी अधिक लगी बोली
सीएचबी की सभी संपत्तियों के लिए औसतन 8 प्रतिशत से अधिक बोली लगी है, क्योंकि बोर्ड ने 10 प्रतिशत तक ही संपत्तियों का आरक्षित मूल्य भी कम किया था। बोर्ड सबसे अधिक सेक्टर-51 में 16 फ्लैट्स बेचने में सफल रहा। इसके अलावा सेक्टर-63 में 9, सेक्टर-49 में 2 फ्लैट बेचने में सफल रहा है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बिडर को 5 दिन में बोली राशि का 25 प्रतिशत जमा करवाने की अनुमति दी गई है। हालांकि बोर्ड ने अब उसके लिए 8 जून तक की तारीख निर्धारित कर दी है। अगर बोलीदाता द्वारा तय समय के अंदर राशि का भुगतान नहीं करता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को सीएचबी की किसी भी संपत्ती के लिए बोली लगाने से ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।
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सीएचबी अब तक ई-नीलामी के जरिए आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की नीलामी करता था, लेकिन इस बार बेहतर प्रस्तावों और गोपनीयता को बरकरार रखने के लिए टेंडरिंग का सहारा लिया गया। टेंडर में सेक्टर-63, सेक्टर-51, सेक्टर-38 वेस्ट और सेक्टर-49 की 79 संपत्तियों को बेचने के लिए रखा गया था। हालांकि सेक्टर-38 वेस्ट का एक भी फ्लैट चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड बेचने में सफल नहीं हुआ। इसमें सेक्टर-63 का एक तीन बेडरूम का फ्लैट सबसे महंगा बिका है। यहां एक फ्लैट एक करोड़ पांच लाख रुपये में बिका है।
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बोर्ड ने 31 मई को बोलियां खोली थीं, जिसमें 27 संपत्तियों के लिए 97 बोली आई थीं। इनमें से जिनके सभी के दस्तावेज पूरे थे, उनकी मंगलवार को वित्तीय बोली खोली गई। इस संबंध में बोर्ड के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार उन्हें ई-टेंडरिंग में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है, क्योंकि पिछली बार एक भी व्यक्ति ने रूची नहीं दिखाई थी। सेक्टर-63 के एक तीन बेडरूम फ्लैट के आरक्षित मूल्य और विक्रय मूल्य में 18 लाख 81 हजार का अंतर रहा।
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सभी संपत्तियों की औसतन 8 फीसदी अधिक लगी बोली
सीएचबी की सभी संपत्तियों के लिए औसतन 8 प्रतिशत से अधिक बोली लगी है, क्योंकि बोर्ड ने 10 प्रतिशत तक ही संपत्तियों का आरक्षित मूल्य भी कम किया था। बोर्ड सबसे अधिक सेक्टर-51 में 16 फ्लैट्स बेचने में सफल रहा। इसके अलावा सेक्टर-63 में 9, सेक्टर-49 में 2 फ्लैट बेचने में सफल रहा है। सबसे अधिक बोली लगाने वाले बिडर को 5 दिन में बोली राशि का 25 प्रतिशत जमा करवाने की अनुमति दी गई है। हालांकि बोर्ड ने अब उसके लिए 8 जून तक की तारीख निर्धारित कर दी है। अगर बोलीदाता द्वारा तय समय के अंदर राशि का भुगतान नहीं करता है तो बोर्ड की तरफ से ईएमडी जब्त कर ली जाएगी और बोलीदाता को सीएचबी की किसी भी संपत्ती के लिए बोली लगाने से ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा।