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हड़ताल का असर : बिजली नहीं होने से खड़ी रहीं 28 इलेक्ट्रिक बसें
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चंडीगढ़। बिजली कर्मचारियों के हड़ताल का असर परिवहन विभाग पर भी पड़ा है। बिजली नहीं होने से शहर की अधिकतर इलेक्ट्रिक बसें नहीं चल पाईं। बसें डिपो में खड़ी रहीं। इसकी वजह से सीटीयू को चार रूट बंद करने पड़े, जिसकी वजह से लोगों को भी परेशान होना पड़ा।
परिवहन विभाग के पास 40 इलेक्ट्रिक बस हैं। इनमें से 38 बसें रूट पर चलती हैं और दो बसों को बैकअप के लिए रखा गया है। इन 38 बसों में से 28 बसें बिजली नहीं होने से सेक्टर-25 स्थित डिपो नंबर-3 में खड़ी रहीं।
बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल की वजह से यहां बिजली चली गई थी, जिसकी वजह से यह बसें चार्ज नहीं हो पाईं। इससे 4 रूट बुरी तरह से प्रभावित हुए और इन्हें बंद करना पड़ा। इन रूटों पर रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी और अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ा। बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल का असर परिवहन विभाग पर इस तरह से पड़ेगा, ये प्रशासन के अधिकारियों ने भी नहीं सोचा था और न ही इसकी पहले से तैयारी की गई थी।
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परिवहन विभाग के पास 40 इलेक्ट्रिक बस हैं। इनमें से 38 बसें रूट पर चलती हैं और दो बसों को बैकअप के लिए रखा गया है। इन 38 बसों में से 28 बसें बिजली नहीं होने से सेक्टर-25 स्थित डिपो नंबर-3 में खड़ी रहीं।
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बिजली विभाग के कर्मचारियों के हड़ताल की वजह से यहां बिजली चली गई थी, जिसकी वजह से यह बसें चार्ज नहीं हो पाईं। इससे 4 रूट बुरी तरह से प्रभावित हुए और इन्हें बंद करना पड़ा। इन रूटों पर रोजाना सफर करने वाले लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ी और अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ा। बिजली विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल का असर परिवहन विभाग पर इस तरह से पड़ेगा, ये प्रशासन के अधिकारियों ने भी नहीं सोचा था और न ही इसकी पहले से तैयारी की गई थी।
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