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BA फाइनल ईयर के स्टूडेंट ने किया ऐसा काम, कोर्ट ने सुनाई अनोखी सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 15 Apr 2017 10:17 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : डेमो फोटो
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बीए फाइनल ईयर के 21 वर्षीय स्टूडेंट ने ऐसा काम किया कि कोर्ट ने उसे अनोखी सजा सुनाई, जिसे उसने बड़ी शिद्दत के साथ पूरा भी किया। मामला चंडीगढ़ का है।
एलांते मॉल स्थित एक रेस्त्रां में बिना लाइसेंस खाना सर्व करने के मामले में जिला अदालत ने मालिक को फूड सेफ्टी एक्ट 2006 की धारा 63 के तहत दोषी पाया है।
सीजेएम कोर्ट ने रेस्त्रां मालिक अमनदीप सिंह (21) को अदालत चलने तक कोर्ट रूम में खड़े रहने की सजा दी। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अमनदीप शहर के एक कॉलेज में अभी बीए फाइनल ईयर का छात्र है।
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एलांते मॉल स्थित एक रेस्त्रां में बिना लाइसेंस खाना सर्व करने के मामले में जिला अदालत ने मालिक को फूड सेफ्टी एक्ट 2006 की धारा 63 के तहत दोषी पाया है।
सीजेएम कोर्ट ने रेस्त्रां मालिक अमनदीप सिंह (21) को अदालत चलने तक कोर्ट रूम में खड़े रहने की सजा दी। साथ ही 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। अमनदीप शहर के एक कॉलेज में अभी बीए फाइनल ईयर का छात्र है।
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दिसंबर 2014 का मामला है
court
दिसंबर, 14 को फूड सेफ्टी अफसर भारत कनौजिया स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ एलांते मॉल स्थित केलांग रेस्त्रां में चेकिंग के लिए गए थे। उस समय वहां ग्राहकों को दाल, रोटी, चावल, स्नैक्स समेत अन्य खाने के आइटम परोसे जा रहे थे।
उस समय तक रेस्त्रां मालिक अमनदीप सिंह के पास रेस्त्रां में खाना बेचने के लिए जरूरी फूड लाइसेंस नहीं था। इस पर फूड सेफ्टी आफिसर ने उनका फूड सेफ्टी एक्ट 63 के तहत चालान किया था।
बाद में मामला अदालत पहुंचा तो ट्रायल के बाद सीजेएम कोर्ट ने रेस्त्रां मालिक को दोषी पाया और सजा सुनाई। दोषी ने अदालत में बताया कि उनका यह पहला केस है। उन पर कोई अपराधी मामला भी नहीं चल रहा है। साथ ही उम्र का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की।
उस समय तक रेस्त्रां मालिक अमनदीप सिंह के पास रेस्त्रां में खाना बेचने के लिए जरूरी फूड लाइसेंस नहीं था। इस पर फूड सेफ्टी आफिसर ने उनका फूड सेफ्टी एक्ट 63 के तहत चालान किया था।
बाद में मामला अदालत पहुंचा तो ट्रायल के बाद सीजेएम कोर्ट ने रेस्त्रां मालिक को दोषी पाया और सजा सुनाई। दोषी ने अदालत में बताया कि उनका यह पहला केस है। उन पर कोई अपराधी मामला भी नहीं चल रहा है। साथ ही उम्र का हवाला देते हुए अदालत से नरमी बरतने की अपील की।