जींद उपचुनावः इन 6 उम्मीदवारों ने नाम लिए वापस, अब सियासी रण में बचे 21 योद्धा
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जींद विधानसभा उपचुनाव के लिए भरे गए नामांकन पत्र को वापस लेने का सोमवार को आखिरी दिन था। दोपहर तीन बजे तक नामांकन वापस लिए गए। इस दौरान कुल छह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए । अब चुनाव मैदान में 21 उम्मीदवार रह गए हैं।
जींद विधानसभा क्षेत्र के एक लाख 70 हजार से अधिक मतदाता इनकी किस्मत का फैसला करेंगे। नामांकन वापस होने के बाद उम्मीदवारों को चुनाव निशान भी आवंटित किए गए। ऐसे में अब चुनाव निशान के साथ आजाद उम्मीदवार प्रचार शुरू करेंगे।
सोमवार सुबह से ही निर्वाचन अधिकारी व एसडीएम विरेंद्र सहरावत के कार्यालय में नामांकन वापस लेने वाले पहुंचने लगे थे। सबसे पहले पूर्व मंत्री बृजमोहन सिंगला के बेटे व आजाद प्रत्याशी के रूप में नामांकन पत्र दाखिल करने वाले अंशुल सिंगला अपना नाम वापस लेने पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला भी उनके साथ मौजूद रहे। इसके बाद उम्मीदवार आते रहे और अपना नामांकन वापस लिया।
निर्वाचन अधिकारी विरेंद्र सहरावत ने बताया कि दोपहर बाद तीन बजे तक छह उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए। इसके बाद उम्मीदवारों को चुनाव निशान दिए गए। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि नामांकन वापस लेने वालों में तैलियान मोहल्ला जींद निवासी हरीश कुमार, गांधी नगर जींद के अंशुल कुमार सिंगला, गांधी नगर निवासी अशोक गोयल, बधाना गांव निवासी कर्मवीर सिंह, भिवानी जिला के रूपाना निवासी राजेंद्र सिंह और श्याम कॉलोनी जींद निवासी पवन जैन शामिल हैं। सभी उम्मीदवारों ने निर्दलीय के रूप में नामांकन किया था।
चुनाव चिह्न को लेकर हुआ विवाद
तीन बजे के बाद उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न आबंटित किए जाने थे। इसको लेकर सभी आजाद उम्मीदवारों के साथ जजपा और लोकतंत्र सुरक्षा मंच के नेता भी पहुंचे। इस दौरान ऑटो रिक्शा चुनाव निशान को लेकर आजाद उम्मीदवार संत धर्मवीर चोटीवाला ने अपनी आपत्ति जताई। धर्मवीर चोटीवाला के अनुसार उन्होंने अपने नामांकन में ऑटो रिक्शा का निशान प्रथम पसंद के आधार पर दिया था।
इतना ही नहीं उन्होंने सबसे पहले नामांकन किया, जिससे उनको अधिकार अपने मनपसंद चुनाव निशान पर बनता है। धर्मवीर चोटीवाला का आरोप है कि इसके बावजूद निर्वाचन अधिकारी द्वारा यह निशान लोकतंत्र सुरक्षा मंच के उम्मीदवार को दे दिया। उन्होंने कहा कि वे इस फैसले को अदालत में भी चुनौती देंगे। वहीं निर्वाचन अधिकारी विरेंद्र सहरावत के अनुसार यह चुनाव चिह्न लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी को मिल चुका है।
इसके अलावा भी पहले पंजीकृत पार्टियों को प्राथमिकता के आधार पर चुनाव निशान मिलता है और इसके बाद ही आजाद उम्मीदवार को चुनाव चिह्न मिलता है। चुनाव चिह्न का आवंटन पूर्ण रूप से नियमानुसार किया गया है।
दिग्विजय सिंह चौटाला को कप प्लेट, संत धर्मवीर चोटीवाला को ट्रक का निशान मिला है। बिजेंद्र को हांडी, मांगेराम को फलों से युक्त टोकरी, मास्टर रमेश खत्री लंबरदार को फूल गोभी, रविंद्र कुमार को बेबी वॉकर, सतपाल को अलमारी, संदीप कुमार को कोट, सुरेंद्र बीबीपुर को हल जोतता किसान का निशान मिला है।
दो महिलाएं मैदान में
उपचुनाव में कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला और जजपा के दिग्विजय चौटाला के आने से हालांकि चुनाव बहुत ही रोचक हो गया है, लेकिन 21 उम्मीदवारों की भीड़ में दो महिलाएं भी मैदान में डटी हुई हैं। दोनों ही महिलाएं पंजीकृत राष्ट्रीय दलों की उम्मीदवार के रूप में चुनाव में उतरी हैं। इन्हें जनता का कितना समर्थन मिलता है, यह समय ही बताएगा।