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Hindi News ›   Chandigarh ›   2019 Lok Sabha chunav result , Lok Sabha Election 2019 Result, Mayawati Party BSP in Haryana

चुनाव परिणाम 2019: हरियाणा में 21 साल पुराना रिकार्ड तोड़ेगा या फिर थककर बैठ जाएगा ‘हाथी’

Thu, 23 May 2019 08:54 AM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 23 May 2019 08:54 AM IST
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2019 Lok Sabha chunav result , Lok Sabha Election 2019 Result, Mayawati Party BSP in Haryana
फाइल फोटो
हरियाणा में बहुजन समाज पार्टी अपना 21 साल पुराना रिकार्ड तोड़ पाएगी या फिर हाथी थककर बैठ जाएगा, इसका फैसला 23 मई को होगा। इस चुनाव में बसपा ने हरियाणा में भी अपने नए साथी के साथ अपनी ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का कार्ड जरूर खेला। लेकिन यह ज्यादा असरदार रहेगा, फिलहाल ऐसी संभावनाएं कम ही दिख रही हैं। क्योंकि अधिकतर सीटों पर बसपा के प्रत्याशी चुनावी रण के मुकाबले कमजोर ही दिखे।
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हरियाणा में इस लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बहुजन समाज पार्टी के हाथी ने इनेलो का चश्मा उतारकर भाजपा के बागी सांसद राजकुमार सैनी की लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी (लोसुपा) के ऑटो रिक्शा (चुनावी चिह्न) की सवारी कर ली थी। इनेलो के पारिवारिक विघटन का हवाला देकर बसपा ने हरियाणा में इनेलो से नाता तोड़ लोसुपा से गठबंधन कर लिया था। इस गठबंधन के बाद बसपा ने हरियाणा की कुल 10 संसदीय सीटों में से 8 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। जबकि 2 सीटों पर लोसुपा उतरी।
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इस चुनाव में भी बसपा ने अपने सोशल इंजीनियरिंग फार्मूले के तहत अनुसूचित और पिछड़ा जाति को साधते हुए अन्य बिरादरियों को भी साथ जोड़ने की कोशिश की। इसी के चलते बसपा ने इस बार अनुसूचित और पिछड़ा जाति के साथ-साथ जाट, ब्राह्मण, विश्वकर्मा व मुस्लिम समाज के लोगों तक को टिकट देकर रणनीतिक ढंग से जातीय समीकरण साधने की कोशिश की है। रणनीति अच्छी थी, लेकिन चेहरे चर्चित और दमदार नहीं थे। बहरहाल, अब इंतजार परिणाम का है और नतीजे ही तय करेंगे कि लोसुपा से गठबंधन कर बसपा के हाथी की चाल सूबे में कैसी रहेगी।
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सन 1998 में नसीब हुई थी पहली जीत

हरियाणा में आठ बार लोकसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुकी बसपा को पहली बार 21 साल पहले सन 1998 के लोकसभा चुनाव में कडे़ मुकाबले के बाद पहली और अभी तक आखिरी जीत नसीब हुई। सुरक्षित संसदीय सीट अंबाला से अमन कुमार नागरा ने भाजपा प्रत्याशी सूरज भान को कड़ी टक्कर में सिर्फ2864 वोटों के अंतर से हराया था।

नागरा अब तक हरियाणा में बसपा के सभी चुनावों में खडे़ किए गए कुल 52 प्रत्याशियों में से जीतने वाले एकमात्र प्रत्याशी थे। इससे पहले 1989 में बसपा ने पहली बार 9 सीटों पर चुनाव लड़ा था और कुल मतदान में से 1.62 प्रतिशत वोट हासिल किया था। सन 1991 में बसपा 1 ही सीट पर चुनाव लड़ी और 1.79 प्रतिशत वोट पाए।

इसी तरह बसपा ने सन 1996 में 6 सीटों पर चुनाव लड़कर 6.59 प्रतिशत, सन 1998 में 3 सीटों पर चुनाव लड़ 7.68 प्रतिशत, सन 1999 में 3 सीटों पर चुनाव लड़कर 1.96 प्रतिशत, सन 2004 में 10 सीटों पर चुनाव लड़कऱ 4.98 प्रतिशत, सन 2009 में 10 सीटों पर चुनाव लड़कर 15.75 प्रतिशत और सन 2014 में 10 सीटों पर चुनाव लड़कर 4.60 प्रतिशत वोट हासिल किए थे।
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