{"_id":"5ce4f871bdec22071d1bf250","slug":"2019-lok-sabha-chunav-lok-sabha-election-2019-result-bjp-vs-congress-in-haryana","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा में मोदी-शाह और राहुल-प्रियंका ने की खूब मेहनत, अब देखना हैं जादू चला या बदली हवा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा में मोदी-शाह और राहुल-प्रियंका ने की खूब मेहनत, अब देखना हैं जादू चला या बदली हवा
Thu, 23 May 2019 08:53 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 23 May 2019 08:53 AM IST
विज्ञापन
नरेंद्र मोदी-राहुल गांधी
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में मोदी-शाह और राहुल-प्रियंका ने खूब मेहनत की, लेकिन जादू चला या हवा बदली, इसके बारे में 23 मई को होने वाली मतगणना में पता चल जाएगा। वीरवार को सुबह 8 बजे से ईवीएम में बंद प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आना शुरू हो जाएगा। हरियाणा में यह परिणाम जहां विभिन्न सियासी दलों की प्रतिष्ठा का सवाल हैं, वहीं ये नतीजे यह भी तय करेंगे कि हरियाणा में मोदी-शाह की जोड़ी का जादू चला या फिर राहुल-प्रियंका ने सियासी हवा का रुख बदला।
इनके अलावा अन्य दिग्गज नेताओं ने भी इस लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सियासत में अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए खूब मेहनत की। इनकी मेहनत क्या रंग लाई, वो भी कल मालूम चल जाएगा। हरियाणा में भले ही लोकसभा की दस सीटें हैं, लेकिन दिल्ली से एकदम साथ सटे होने की वजह से ये सूबा अपना खास राजनीतिक महत्व रखता है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य दलों के दिग्गजों ने भी इस सूबे में अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी।
दिग्गजों की रैलियों शुरुआत 4 मई को राहुल गांधी की गुरुग्राम रैली से हुई। इस क्षेत्र से राहुल ने गुरुग्राम और फरीदाबाद को सीट के मतदाताओं को साधा। उसके बाद राहुल 6 मई को फिर हरियाणा आए और इस बार उन्होंने भिवानी में रैली कर आसपास के मतदाताओं को साधा। राहुल ने 9 मई को सिरसा में भी बड़ी रैली की। रैलियों में राहुल के निशाने पर मोदी ही रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इनके अलावा अन्य दिग्गज नेताओं ने भी इस लोकसभा चुनाव में हरियाणा की सियासत में अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए खूब मेहनत की। इनकी मेहनत क्या रंग लाई, वो भी कल मालूम चल जाएगा। हरियाणा में भले ही लोकसभा की दस सीटें हैं, लेकिन दिल्ली से एकदम साथ सटे होने की वजह से ये सूबा अपना खास राजनीतिक महत्व रखता है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अन्य दलों के दिग्गजों ने भी इस सूबे में अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी।
विज्ञापन
दिग्गजों की रैलियों शुरुआत 4 मई को राहुल गांधी की गुरुग्राम रैली से हुई। इस क्षेत्र से राहुल ने गुरुग्राम और फरीदाबाद को सीट के मतदाताओं को साधा। उसके बाद राहुल 6 मई को फिर हरियाणा आए और इस बार उन्होंने भिवानी में रैली कर आसपास के मतदाताओं को साधा। राहुल ने 9 मई को सिरसा में भी बड़ी रैली की। रैलियों में राहुल के निशाने पर मोदी ही रहे।
विज्ञापन
राहुल के बाद उनकी बहन प्रियंका गांधी भी हरियाणा के सियासी रण में अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए कूदीं और 6 मई को अंबाला से विशाल रोड शो और रैली की शुरुआत की। इसी दिन प्रियंका ने हिसार और रोहतक में भी रैली और जबरदस्त रोड शो कर मतदाताओं से भाजपा के झांसे में न आने की अपील की।
राहुल-प्रियंका शो के मुकाबले में 8 और 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के सत्ता संग्राम में कूदे। इन दो दिनों में पीएम मोदी ने कुरुक्षेत्र, सिरसा के फतेहाबाद और जाटलैंड रोहतक में जोरदार रैलियां कर मतदाताओं को मोदीमय बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
विपक्ष को निशाने पर लेते हुए मोदी हरियाणा से घरेलू रिश्ता जोड़ मतदाताओं से दस की दस सीटें उनकी झोली में डालने की भावुक अपील कर गए। मोदी शो के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी 5 मई को सोनीपत और 10 मई को बरवाला और दादरी में रैली की। उन्होंने भी अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए मतदाताओं के सामने झोली फैलाई।
राहुल-प्रियंका शो के मुकाबले में 8 और 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के सत्ता संग्राम में कूदे। इन दो दिनों में पीएम मोदी ने कुरुक्षेत्र, सिरसा के फतेहाबाद और जाटलैंड रोहतक में जोरदार रैलियां कर मतदाताओं को मोदीमय बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।
विपक्ष को निशाने पर लेते हुए मोदी हरियाणा से घरेलू रिश्ता जोड़ मतदाताओं से दस की दस सीटें उनकी झोली में डालने की भावुक अपील कर गए। मोदी शो के अलावा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी 5 मई को सोनीपत और 10 मई को बरवाला और दादरी में रैली की। उन्होंने भी अपने प्रत्याशियों की जीत के लिए मतदाताओं के सामने झोली फैलाई।
खास था हेमा, सन्नी, खली का अंदाज
अंबाला लोकसभा के यमुनानगर हलके में शाह की रैली रद्द होने की भरपाई भाजपा ने यहां सनी देओल के स्टारडम वाले रोड शो से की। जबकि वर्ल्ड रेसलर द ग्रेट खली ने कुरुक्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी के लिए रोड शो किया। दोनों के रोड शो ने अच्छी भीड़ खींची थी। इनके अलावा सोनीपत के जींद हलके में 9 मई को हेमामालिनी ने भी अपने खास अंदाज में भाजपा प्रत्याशी के लिए जनसभा कर वोट मांगे।
पीछे नहीं थे योगी, केजरी और राजनाथ
अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने केलिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह भी पीछे नहीं थे। 8 मई को राजनाथ सिंह ने गुरुग्राम, भिवानी और सोनीपत क्षेत्र में जनसभाएं की, तो वहीं योगी ने जींद, फरीदाबाद और सोनीपत में भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट की अपील की थी। जबकि केजरीवाल ने हिसार में रैली, हांसी व अन्य क्षेत्रों में रोड शो कर आप-जजपा गठबंधन के प्रत्याशियों को जितवाने केलिए पसीना बहाया था। बहरहाल, अब देखना यह है कि इन दिग्गजों की मेहनत का कितना फल इनके दलों के प्रत्याशियों को मिलता है।
पीछे नहीं थे योगी, केजरी और राजनाथ
अपने-अपने प्रत्याशियों को जितवाने केलिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह भी पीछे नहीं थे। 8 मई को राजनाथ सिंह ने गुरुग्राम, भिवानी और सोनीपत क्षेत्र में जनसभाएं की, तो वहीं योगी ने जींद, फरीदाबाद और सोनीपत में भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट की अपील की थी। जबकि केजरीवाल ने हिसार में रैली, हांसी व अन्य क्षेत्रों में रोड शो कर आप-जजपा गठबंधन के प्रत्याशियों को जितवाने केलिए पसीना बहाया था। बहरहाल, अब देखना यह है कि इन दिग्गजों की मेहनत का कितना फल इनके दलों के प्रत्याशियों को मिलता है।