{"_id":"5a6ac1944f1c1ba5268b69c4","slug":"20-chandigarh-police-personnel-honoured-on-69th-republic-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"#RepublicDay पर 20 को मिले पुलिस पदक और दो जवानों को होम गार्ड्स पदक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
#RepublicDay पर 20 को मिले पुलिस पदक और दो जवानों को होम गार्ड्स पदक
विशाल पाठक/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 26 Jan 2018 11:42 AM IST
विज्ञापन
चंडीगढ़ में गणतंत्र दिवस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
69वें गणतंत्र दिवस पर चंडीगढ़ में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले 20 पुलिसकर्मियों को प्रशासकीय पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। दो होमगार्ड जवानों को राष्ट्रपति के होम गार्ड्स पदक से सम्मानित किया गया।
प्रशासकीय पुलिस पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, एएसआई चरणजीत सिंह, ओआरपी रैंक पर एएसआई बने राम लुभाया, महिला सब-इंस्पेक्टर ईरम रिजवी, महिला सब-इंस्पेक्टर सरीता रॉय, सब-इंस्पेक्टर नंद लाल, एएसआई महाबीर सिंह, एएसआई नरेश चंद्र, ओआरपी रैंक पर एएसआई बने गुरदियाल सिंह, हेड कांस्टेबल शशि कुमार, हेड कांस्टेबल जय किशोर, हेड कांस्टेबल सत्यवीर सिंह, ओआरपी रैंक पर हेड कांस्टेबल बने बरींद्र सिंह, सीनियर कांस्टेबल वीरेंदी कुमार, सीनियर कांस्टेबल रणवीर सिंह, सीनियर कांस्टेबल सुखबीर सिंह, सीनियर कांस्टेबल दर्शन कुमार, कांस्टेबल रघुबीर सिंह, कांस्टेबल जगदीश चंद और कांस्टेबल जरनैल सिंह शामिल रहे।
दो होमगार्ड जवान होंगे राष्ट्रपति के होम गार्ड्स पदक से सम्मानित
दो होमगार्ड जवानों जवान बलजिंदर सिंह और होमगार्ड जवान सूरज परिया को राष्ट्रपति के होम गार्ड्स पदक से सम्मानित किया गया।। होमगार्ड जवान बलजिंदर वर्ष 2002 में 23 अक्टूबर को चंडीगढ़ होम गार्ड्स में कानून व्यवस्था के लिए भर्ती हुए थे। अपने 15 वर्षों की सर्विस के दौरान वह यूटी पुलिस के फोटो सेक्शन में कार्यरत रहे हैं। फोटोग्राफी में महारत हासिल करने वाले बलजिंदर सिंह अपनी ड्यूटी पर रूचि लेकर काम करने सहित पूरी सतर्कता रखते हैं। लोगों से उनका बेहतर समन्वय स्थापित रहा है।
विज्ञापन
ड्यूटी की इसी लगन के चलते बलजिंदर सिंह अब तक फर्स्ट एवं सेकेंड क्लास के 67 प्रशस्ति पत्र और कई बार नकद पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। वहीं होमगार्ड जवान सुरज परिया चंडीगढ़ होम गार्ड्स में 10 जुलाई वर्ष 2000 में कुक की ड्यूटी के लिए भर्ती हुए। 16 वर्र्षों से अधिक समय से वह सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय की कैंटीन में ड्यूटी पर रहे हैं। सुरज को विभिन्न तरीके का पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन बनाने में महारत हासिल है। उनकी ड्यूटी के प्रति लगन, रूचि और कार्यों के प्रति निष्ठा उन्हें अब तक फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड क्लास के 55 प्रशस्ति पत्र दिला चुकी है।
विज्ञापन
प्रशासकीय पुलिस पदक पाने वाले पुलिसकर्मियों में इंस्पेक्टर दिलबाग सिंह, एएसआई चरणजीत सिंह, ओआरपी रैंक पर एएसआई बने राम लुभाया, महिला सब-इंस्पेक्टर ईरम रिजवी, महिला सब-इंस्पेक्टर सरीता रॉय, सब-इंस्पेक्टर नंद लाल, एएसआई महाबीर सिंह, एएसआई नरेश चंद्र, ओआरपी रैंक पर एएसआई बने गुरदियाल सिंह, हेड कांस्टेबल शशि कुमार, हेड कांस्टेबल जय किशोर, हेड कांस्टेबल सत्यवीर सिंह, ओआरपी रैंक पर हेड कांस्टेबल बने बरींद्र सिंह, सीनियर कांस्टेबल वीरेंदी कुमार, सीनियर कांस्टेबल रणवीर सिंह, सीनियर कांस्टेबल सुखबीर सिंह, सीनियर कांस्टेबल दर्शन कुमार, कांस्टेबल रघुबीर सिंह, कांस्टेबल जगदीश चंद और कांस्टेबल जरनैल सिंह शामिल रहे।
विज्ञापन
दो होमगार्ड जवान होंगे राष्ट्रपति के होम गार्ड्स पदक से सम्मानित
दो होमगार्ड जवानों जवान बलजिंदर सिंह और होमगार्ड जवान सूरज परिया को राष्ट्रपति के होम गार्ड्स पदक से सम्मानित किया गया।। होमगार्ड जवान बलजिंदर वर्ष 2002 में 23 अक्टूबर को चंडीगढ़ होम गार्ड्स में कानून व्यवस्था के लिए भर्ती हुए थे। अपने 15 वर्षों की सर्विस के दौरान वह यूटी पुलिस के फोटो सेक्शन में कार्यरत रहे हैं। फोटोग्राफी में महारत हासिल करने वाले बलजिंदर सिंह अपनी ड्यूटी पर रूचि लेकर काम करने सहित पूरी सतर्कता रखते हैं। लोगों से उनका बेहतर समन्वय स्थापित रहा है।
विज्ञापन
ड्यूटी की इसी लगन के चलते बलजिंदर सिंह अब तक फर्स्ट एवं सेकेंड क्लास के 67 प्रशस्ति पत्र और कई बार नकद पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। वहीं होमगार्ड जवान सुरज परिया चंडीगढ़ होम गार्ड्स में 10 जुलाई वर्ष 2000 में कुक की ड्यूटी के लिए भर्ती हुए। 16 वर्र्षों से अधिक समय से वह सेक्टर-9 पुलिस मुख्यालय की कैंटीन में ड्यूटी पर रहे हैं। सुरज को विभिन्न तरीके का पौष्टिक और स्वादिष्ट भोजन बनाने में महारत हासिल है। उनकी ड्यूटी के प्रति लगन, रूचि और कार्यों के प्रति निष्ठा उन्हें अब तक फर्स्ट, सेकेंड व थर्ड क्लास के 55 प्रशस्ति पत्र दिला चुकी है।