अन्नदाता आहत: एक ने लगाई फांसी, एक को अटैक
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बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश भर में हुई फसल खराब के कारण हरियाणा में आज फिर दो किसानों की जान चली गई। हिसार के गांव सिंघरान में अपने रिश्तेदारी में आकर भिवानी जिले के गांव मिठ्ठी निवासी किसान 55 वर्षीय रामचंद्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। गांव बांडाहेड़ी के 50 वर्षीय किसान रामसिंह की खराब फसल को देखकर खेत में ही हार्ट अटैक से मौत हो गई।
मृतक रामचंद्र के मामा सिंघरान निवासी भूपसिंह फोगाट ने बताया कि गांव मिठ्ठी में उसने 10 एकड़ में चने, गेहूं और सरसों की फसल बो रखी है। पूरे खेत की फसल बारिश व ओलावृष्टि में खराब हो गई। रामचंद्र बृहस्पतिवार को घर से हिसार अस्पताल में दवा लेने की बात कहकर आए थे।
गांव में पशु अस्पताल के पास स्थित जोहड़ किनारे खड़े नीम के पेड़ पर फंदा लगाकर उसने जान दे दी। ग्रामीणों ने जब शव लटकता हुआ देखा तो उन्होंने शव की पहचान की। मृतक का एक बेटा संदीप इंडियन नेवी में और दूसरा बेटा प्रदीप आर्मी में नौकरी करता है। दूसरा मामला बालसमंद कस्बे के गांव बांडाहेड़ी का है।
एक सप्ताह में तीन किसानों की मौत हो चुकी है
किसान रामसिंह सुबह अपनी फसल देखने के लिए खेत में गया था। मृतक के बेटे सुरेश ने बताया कि उनके दस एकड़ खेत में चने की फसल है। बारिश में पूरी फसल खराब हो चुकी है। खेत से जब वे वापस लौटने लगे तो फसल खराबे कारण उन्हें हार्ट अटैक आ गया।
वे खेतों में ही सड़क किनारे पड़ गए। जब उसे अस्पताल में भर्ती करवाया तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों का सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया है। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर कार्रवाई के बाद शव सौंप दिए।
गौरतलब है कि हिसार जिले में फसल खराबा होने से एक सप्ताह में तीन किसानों की मौत हो चुकी है। इससे पहले किसान ओमप्रकाश ने फांसी लगाकर आत्म हत्या कर ली थी। इस मामले में मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट तलब की है।
यहां यह बता दें कि हिसार में फसल खराबे के कारण यह तीसरी मौत है। इससे पहले बीड़ बबरान के किसान ने भी फसल खराब होने के चलते फंदा लगाया था।
आत्महत्या करने वाले किसान की जेब से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला है।सुसाइड नोट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं किया। है। नोट में किसान ने लिखा है कि मैं अपनी ही की गई घमंड की बातों के कारण फांसी खा रहा हूं। इसमें मेरे मामा और घर वालों का कोई कसूर नहीं है।