अमरनाथ यात्रा में पहली मौत, चंडीगढ़ और यूपी के थे श्रद्धालु
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श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा के दर्शन के लिए पहुंचे दो श्रद्धालुओं की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। पारंपरिक 45 किमी. के पहलगाम रूट पर पंचतरणी के पास चंडीगढ़ निवासी 63 वर्षीय सुभाष चंद्र ने पवित्र गुफा के पास दम तोड़ा। हार्ट अटैक होने के बाद उन्हें जब तक चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई जाती, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
पुलिस ने उनके शव को आधार शिविर पहुंचाया। शव को चंडीगढ़ भेजने की व्यवस्था की गई। यह इस बार अमरनाथ यात्रा में हुई पहली मौत है। वहीं हार्ट अटैक से जिस दूसरे व्यक्ति की मौत हुई है, उसकी पहचान उत्तर प्रदेश निवासी 58 वर्षीय रामा शंकर के रूप में हुई है।
परिवार सहित गए थे
चंडीगढ़। सेक्टर-45ए में मकान नंबर 187-2 में रहने वाले सुभाष को सोमवार शाम 6 बजे पवित्र गुफा से आठ किलोमीटर पहले ही अटैक आया था। वे अपनी पत्नी,दो बेटियों और बेटे सहित कई दोस्तों के साथ यात्रा पर गए हुए थे।
हाईवे बंद होने से अमरनाथ यात्री फंसे
सोमवार देर रात को हुई तेज बारिश से जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फिर ब्रेक लगा। जिला रामबन के रामसू क्षेत्र में तेज बारिश के कारण हाईवे पर कई पस्सियां आ गईं। जिससे देर रात दो बजे बंद हुए हाईवे को मंगलवार सुबह नौ बजे खोला जा सका। हाईवे बंद होने से रात को दोनों ओर से कई वाहन फंस गए। इसमें निजी वाहनों से अमरनाथ यात्रा के लिए घाटी जा रहे यात्री भी फंसे रहे।
मंगलवार को फिर चिनैनी से उधमपुर के बीच हाईवे पर जाम की स्थिति रही। इससे यात्री हलकान रहे। एसएसपी ट्रैफिक संजय कोतवाल ने बताया कि बीती रात हाईवे को बंद करना पड़ा था, जिसे मंगलवार सुबह बहाल कर दिया गया। यात्रा शुरू होने के बाद पहली बार हाईवे बंद हुआ है।
छह दिनों में 85 हजार श्रद्धालु
मंगलवार को पवित्र गुफा पहुंच 19,512 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए। इस तरह छह दिनों में अब तक 85,007 श्रद्धालु शिवलिंग के दर्शन कर चुके हैं। इस बीच आधार शिविर जम्मू से अब तक के सबसे बड़े जत्थे में 2614 श्रद्धालु रवाना हुए। इसमें 1878 पुरुष, 546 महिलाएं, 40 बच्चे और 150 साधु शामिल रहे।