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हादसे में 2 भाइयों की मौत पर परिवार को 30 लाख मुआवजा

Mon, 25 Apr 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 25 Apr 2016 01:46 AM IST
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2 brothers killed in road accident, compensation order of 30 lakhs for victims
मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल - फोटो : DEMO Pics

सड़क हादसे में 2 भाईयों की मौत पर एमएसीटी ने पीड़ित परिवार के लिए साढ़े 30 लाख रुपये मुआवजा देने के आदेश दिए। हादसा 3 साल पहले 4 मई 2013 को हुआ था।कंस्ट्रक्शन का काम करने वाले किशनगढ़ निवासी ठेकेदार राम कुमार की सड़क हादसे में मौत पर मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी ने उनके परिवार के लिए 14.43 लाख रुपये का मुआवजा मंजूर किया है।

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साथ ही इस राशि पर 7.5 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के भी आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल ने यह राशि कार चालक राम करण सिंह निवासी नारायणगढ़, कार मालिक श्याम लाल अग्रवाल निवासी नारायणगढ़ और ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी को दिया है।
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क्लेम राम कुमार की पत्नी बाला देवी, 20 वर्षीय बेटी सुषमा, 19 वर्षीय अजय कुमार, 14 वर्षीय बेटी परमजीत, मृतक की बुजुर्ग मां 60 वर्षीय सड़ो देवी की ओर दायर किया गया था। बाला देवी का कहना था कि उनके पति की इतनी कम उम्र में मौत के बाद उनके तीन बच्चों और सास की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई है। वहीं इसी हादसे में राजेश कुमार की मौत पर उनकी पत्नी की ओर से भी अलग से मुआवजा क्लेम का केस दायर किया गया था।
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हादसा 4 मई 2013 को हुआ था। इस दिन राम कुमार भाई राजेश के साथ उसकी बाइक पर मलिकपुर तहसील बिलासपुर में कंस्ट्रक्शन का काम के सिलसिले में जा रहे थे। दोपहर करीब 3 बजे जैसे ही वह गांव गढ़होली के पास पहुंचे तो तेजी और लापरवाही से कार चलाते हुए आ रहे राम करण सिंह ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में राम कुमार और राजेश कुमार की मौत हो गई। इस मामले में कार चालक के खिलाफ गैरइरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया था।

याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया था कि हादसे के समय राम कुमार 40 साल के थे और मिस्त्री का काम करते थे। उनका परिवार पूरी तरह उन पर निर्भर था, क्योंकि वह परिवार में कमाने वाले इकलौते शख्स थे। वहीं कार ड्राइवर और मालिक ने अपने जवाब में कहा था कि पुलिस के साथ मिलकर झूठा केस दर्ज करवाया गया था। संबंधित कार से कोई हादसा नहीं हुआ था।


छोटे भाई की मौत पर मिले 15.09 लाख
इसी सड़क हादसे में छोटे भाई राजेश कुमार की मौत पर उनकी पत्नी शर्मिला ने अलग से मुआवजा केस दायर किया था। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी) ने शर्मिला देवी, दो बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता के लिए 15.09 लाख रुपये मंजूर किए हैं। क्लेम केस सितंबर 2015 में दायर किया गया था। फैसले के मुताबिक क्लेम राशि में से 40 प्रतिशत मृतक की विधवा और बाकी का 15-15 प्रतिशत बच्चों और मृतक के माता-पिता को दिया जाएगा। इस मुआवजा राशि पर 7.5 प्रतिशत ब्याज भी चुकाने के आदेश दिए गए हैं।

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