बिना बताए पैसेंजर को दिया नॉनवेज खाना, एयर इंडिया पर लगा 17 हजार का जुर्माना
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शिकागो (अमेरिका) से दिल्ली आते वक्त एक शाकाहारी दंपति को बिना बताए नॉनवेज खाना परोस देने के मामले में उपभोक्ता फोरम ने एयर इंडिया के खिलाफ 17 हजार रुपये का हर्जाना ठोका है। पति-पत्नी ने जब इसकी शिकायत की तो किसी ने सुनवाई नहीं की। जब उन्होंने अपनी शिकायत लिखने के लिए कंप्लेंट बुक मांगा तो केबिन क्रू ने वह भी नहीं दी। इसके बाद शिकायत फोरम में की गई और फोरम में एयर इंडिया को दोषी पाते हुए जुर्माना लगाया है।
सेक्टर-48ए स्थित सीपीएस एन्क्लेव में रहने वाले चंद्रमोहन पाठक ने नई दिल्ली रकाबगंज गुरुद्वारा रोड स्थित एयर इंडिया लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी।
शिकायतकर्ता ने बताया कि 17 जून 2016 को दिल्ली से शिकागो और 14 नवंबर 2016 को शिकागो से दिल्ली के लिए अपनी और पत्नी के लिए एयर इंडिया से टिकट बुक कराई। बुकिंग के समय उन्होंने खासतौर पर लिखा कि वह शुद्ध शाकाहारी हैं और उन्हें फ्लाइट में सिर्फ वेज खाना ही परोसें।
दिल्ली से शिकागो जाने के समय सबकुछ ठीक रहा, लेकिन वापस आते समय उन्हें केबिन क्रू ने बिना बताए नॉन-वेजिटेरियन खाना परोस दिया। खाते वक्त उन्होंने महसूस किया कि कुछ गड़बड़ है, उन्हें खाने में मांस का टुकड़ा मिला। इसकी तुरंत शिकायत की, क्योंकि खाने पर कोई वेज और नॉनवेज का स्टिकर नहीं लगा था। क्रू ने भी उन्हें बताया नहीं कि यह खाना नॉनवेज है।
इसके बाद उन्होंने शिकायत लिखने के लिए कंप्लेंट बुक मांगी, लेकिन वह भी नही दी गई। चंडीगढ़ पहुंचने के बाद शिकायतकर्ता ने फोरम में केस किया। एयर इंडिया ने अपने जवाब में कहा कि शिकायतकर्ता ने 23 नवंबर को ऑनलाइन कंप्लेंट की, जिसके बाद कंपनी की तरफ से माफी भी मांगी गई है। कंपनी ने केस डिसमिस करने की मांग की।
सभी पक्षों की सुनवाई के बाद फोरम ने एयर इंडिया को दोषी पाया। फोरम ने अपने आदेशों में कहा कि केबिन क्रू ने खाना परोसने से पहले कस्टमर की डिमांड का ध्यान नहीं रखा। इससे साबित होता है कि यह सेवा में कोताही है। फोरम ने निर्देश दिए कि कंपनी शिकायतकर्ता को मानसिक पीड़ा और उत्पीड़न के लिए 10 हजार रुपये मुआवजा और 7 हजार रुपये मुकदमा खर्च के रूप में अदा करें।
आदेश की प्रति मिलने पर 30 दिनों के अंदर इन आदेशों की पालना करनी होगी, नहीं तो कंपनी को मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत की दर से ब्याज भी देना होगा।