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हरियाणा: भंडारण निगम में 16 और अधिकारियों ने नियमों के खिलाफ पाई नियुक्ति, अशोक खेमका समेत आठ के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश

Fri, 29 Apr 2022 10:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 29 Apr 2022 10:42 PM IST
सार

संजीव वर्मा ने पुलिस को भेजी शिकायत में कहा है कि जिला प्रबंधक अजय कुमार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। उसे हरियाणा के मूल निवासी प्रमाण पत्र बिना ही नौकरी दी गई। जगदीश कुमार सामान्य श्रेणी से है लेकिन उसकी भर्ती अनुसूचित जाति में की गई है।

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16 more officers got appointment against rules Warehousing Corporation in Haryana
आईएएस अशोक खेमका - फोटो : फाइल

विस्तार

हरियाणा भंडारण निगम में 16 और प्रथम, द्वितीय व तृतीय श्रेणी के अधिकारियों की नियुक्ति नियमों के खिलाफ पाई गई है। निगम के प्रबंध निदेशक आईएएस संजीव वर्मा ने शुक्रवार को इस बारे में पुलिस को नई शिकायत दी। जिसमें तत्कालीन प्रबंध निदेशक व वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक खेमका और सात अधिकारियों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है।

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शिकायत के आधार पर पुलिस ने निगम के तीन और अफसरों नरेश कुमार, जगदीश लाल और किरण भसीन के नाम ही बीते मंगलवार को प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा-13 व आईपीसी की धारा 420 के तहत दर्ज एफआईआर में शामिल किए हैं। इस एफआईआर में अशोक खेमका का नाम भी शामिल है, जबकि खेमका की शिकायत पर वर्मा के खिलाफ भी उत्पीड़न और अन्य अनेक धाराओं में केस दर्ज हो चुका है। जिन तीन अधिकारियों के नाम शुक्रवार को एफआईआर में शामिल किए गए, उन पर भी 2010 में गलत तरीके से हुई नियुक्तियों में शामिल होने का आरोप है। 
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वर्मा ने मुख्य सचिव संजीव कौशल को शुक्रवार को एक और पत्र लिखकर खेमका के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। साथ ही गलत नियुक्ति पाने वाले 16 अधिकारियों से पूछा है कि क्यों न उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाए।
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वर्मा की ताजा शिकायत में भी खेमका पर निगम में नियमों, रोस्टर व अन्य शर्तों को दरकिनार कर नियुक्तियों के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने धोखाधड़ी, अपात्रों की भर्ती, शक्तियों का दुरुपयोग और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की थी। पुलिस ने शिकायत में से जीएम सोमनाथ रतन, सहायक मैनेजर प्रशासन एससी कंसल, सहायक मैनेजर राम सिंह का नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया है। खेमका समेत अन्य अधिकारियों पर हरियाणा लोक सेवा आयोग और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को भी गुमराह करने का आरोप है।


बिना मूल प्रमाण पत्र के भी दे दी नौकरी
संजीव वर्मा ने पुलिस को भेजी शिकायत में कहा है कि जिला प्रबंधक अजय कुमार मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। उसे हरियाणा के मूल निवासी प्रमाण पत्र बिना ही नौकरी दी गई। जगदीश कुमार सामान्य श्रेणी से है लेकिन उसकी भर्ती अनुसूचित जाति में की गई है। यह रोस्टर का उल्लंघन है। मुकेश सिंह ने एससी कोटे में नौकरी के लिए आवेदन किया था, मगर उसे बीसी कोटे के पद पर नियुक्ति दी गई। जिन 16 अधिकारियों व कर्मचारियों की भर्ती खेमका के प्रबंध निदेशक रहते हुई, उनमें से कई के पास अनुभव प्रमाण पत्र तक नहीं थे। उन्होंने एक प्रथम श्रेणी, दो द्वितीय श्रेणी और 13 तृतीय श्रेणी अधिकारी हैं।

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