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श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का समापन
Updated Sun, 18 Nov 2018 01:47 AM IST
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भारतीय गाय की नस्ल सुधरेगी, तो सड़क पर नहीं छोड़ेगा कोई
माता मनसा देवी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर पहुंचे आचार्य देवव्रत
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। माता मनसा देवी गौधाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को समापन हो गया। इस दौरान हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत व हरियाणा के श्रम मंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान कथा व्यास डॉ अमृता दीदी ने भागवत के अंतिम श्लोक सुनाकर लोगों को भाव-भिवोर कर दिया। समापन समारोह में 10 हजार के करीब लोग गोपाष्टमी एवं भागवत कथा सुनने के लिए गोधाम पहुंचे। इस अवसर पर हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि मेरे पास कुरुक्षेत्र में 6 भारतीय नस्लों की गाय थीं, उनकी नस्ल सुधार कर मैंने 25 किलो दूध देने वाली देसी गाय पैदा कर दी। हमारी गौशाला में एक भी भारतीय गाय 15 किलो से कम दूध देने वाली नहीं है। लोग कहते हैं कि गाय दूध नहीं देती, लेकिन हम लोगों ने गायों की नस्लों को खराब कर दिया है। आचार्य देवव्रत ने पंचकूला गौधाम के प्रबंधकों को टिप्स देते हुए कहा कि आप लोग भी आठ किलो दूध देने वाली गायों की नस्ल को सुधार कर उसे 25 से 30 किलो तक दूध देने वाली गाय बना सकते हो। जो गाय 25 किलो दूध देगी, क्या उसे कोई सड़क पर छोड़ेगा? इस अवसर पर डॉ नरेश मित्तल, भूपिंद्र गोयल, सुरिंद्र बंसल, कुसुम गुप्ता, राजकुमार भौजिया, तेजपाल गुप्ता, मिठन लाल, हरगोबिंद गोयल, दीपक बंसल सहित कई जानी मानी हस्तियां उपस्थित रहीं।
इस दौरान पंचकूला पहुंचे हिमाचल के राज्यपाल ने दिए गौधाम प्रबंधकों को टिप्स भी दिए।
एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ जीवाणु
पहला काम हमें गायों की नस्ल को सुधारना है। भारत कृषि प्रधान देश है और आज कृषि बर्बादी की कगार पर है। देसी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ से ज्यादा जीवाणु हैं, जो जमीन की पौष्टिकता को बढ़ाते हैं। आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल सरकार ने हमारे मॉडल को स्वीकार कर लिया है और लगभग तीन हजार किसानों को ट्रेनिंग दे दी है। किसान को ट्रेंड कर रहे हैं, ताकि 2022 तक हिमाचल को जहर मुक्त घोषित कर देंगे।
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माता मनसा देवी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के समापन पर पहुंचे आचार्य देवव्रत
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला। माता मनसा देवी गौधाम में चल रही श्रीमद्भागवत कथा का शनिवार को समापन हो गया। इस दौरान हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत व हरियाणा के श्रम मंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान कथा व्यास डॉ अमृता दीदी ने भागवत के अंतिम श्लोक सुनाकर लोगों को भाव-भिवोर कर दिया। समापन समारोह में 10 हजार के करीब लोग गोपाष्टमी एवं भागवत कथा सुनने के लिए गोधाम पहुंचे। इस अवसर पर हिमाचल के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि मेरे पास कुरुक्षेत्र में 6 भारतीय नस्लों की गाय थीं, उनकी नस्ल सुधार कर मैंने 25 किलो दूध देने वाली देसी गाय पैदा कर दी। हमारी गौशाला में एक भी भारतीय गाय 15 किलो से कम दूध देने वाली नहीं है। लोग कहते हैं कि गाय दूध नहीं देती, लेकिन हम लोगों ने गायों की नस्लों को खराब कर दिया है। आचार्य देवव्रत ने पंचकूला गौधाम के प्रबंधकों को टिप्स देते हुए कहा कि आप लोग भी आठ किलो दूध देने वाली गायों की नस्ल को सुधार कर उसे 25 से 30 किलो तक दूध देने वाली गाय बना सकते हो। जो गाय 25 किलो दूध देगी, क्या उसे कोई सड़क पर छोड़ेगा? इस अवसर पर डॉ नरेश मित्तल, भूपिंद्र गोयल, सुरिंद्र बंसल, कुसुम गुप्ता, राजकुमार भौजिया, तेजपाल गुप्ता, मिठन लाल, हरगोबिंद गोयल, दीपक बंसल सहित कई जानी मानी हस्तियां उपस्थित रहीं।
इस दौरान पंचकूला पहुंचे हिमाचल के राज्यपाल ने दिए गौधाम प्रबंधकों को टिप्स भी दिए।
एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ जीवाणु
पहला काम हमें गायों की नस्ल को सुधारना है। भारत कृषि प्रधान देश है और आज कृषि बर्बादी की कगार पर है। देसी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 करोड़ से ज्यादा जीवाणु हैं, जो जमीन की पौष्टिकता को बढ़ाते हैं। आचार्य देवव्रत ने कहा कि हिमाचल सरकार ने हमारे मॉडल को स्वीकार कर लिया है और लगभग तीन हजार किसानों को ट्रेनिंग दे दी है। किसान को ट्रेंड कर रहे हैं, ताकि 2022 तक हिमाचल को जहर मुक्त घोषित कर देंगे।
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