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आशा वर्कर मौत मामले में तीसरे दिन भी नहीं किया गया संस्कार
Updated Mon, 01 Oct 2018 01:52 AM IST
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शीला का शव रखकर आज विधायक का आवास घेरेंगे परिजन
लापरवाह डॉक्टर पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी न होने तक नहीं करेंगे दाह संस्कार
तीन दिन से मॉर्चरी में रखा है शव, पुलिस प्रशासन जुटा परिजनों को मनाने में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आशा वर्कर शीला की मौत के बाद उठा विवाद थमता नहीं दिख रहा है। परिजन पोस्टमार्टम के बाद भी शव का संस्कार करने को तैयार नहीं है। महिला की मौत से गुस्साए परिजन सिर्फ एक ही मांग पर अड़े हैं कि लापरवाह डॉक्टर को केस दर्ज कर जब तक गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता तब तक वह शांत नहीं बैठेेंगे। परिजनों ने एलान किया है कि वह सोमवार को विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के घर के समक्ष शव रखकर प्रदर्शन करेंगे। परिजनों के इस एलान से पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के हाथ पांव फूल गए हैं। उधर, तीसरे दिन भी परिजनों ने शीला के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।
परिजन अभी न्याय की आस प्रशासन से लगाए बैठे हैं। शीला का शव तीन दिन से सेक्टर-6 जनरल अस्पताल के शवगृह में रखा है। परिजनों की ओर से न्याय की मांग को लेकर सोमवार को भी सुबह अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शीला के पति राकेश, जेठ राजेश और जेठानी ज्योति ने बताया कि अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस मामले में जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वह शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते रहेंगे। जनरल अस्पताल प्रबंधन पीएमओ डॉ मनकिरत कौर ने कहा है कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
समय पर इलाज मिलता तो नहीं जाती जान
शीला के पति राकेश ने कहा कि अगर डॉक्टर ने समय पर इलाज किया होता तो मेरी पत्नी की जान नहीं जाती। इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। मेरे साथ अगर न्याय नहीं होगा तो लोगों का कानून से विश्वास उठ जाएगा।
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लापरवाह डॉक्टर पर केस दर्ज कर गिरफ्तारी न होने तक नहीं करेंगे दाह संस्कार
तीन दिन से मॉर्चरी में रखा है शव, पुलिस प्रशासन जुटा परिजनों को मनाने में
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
आशा वर्कर शीला की मौत के बाद उठा विवाद थमता नहीं दिख रहा है। परिजन पोस्टमार्टम के बाद भी शव का संस्कार करने को तैयार नहीं है। महिला की मौत से गुस्साए परिजन सिर्फ एक ही मांग पर अड़े हैं कि लापरवाह डॉक्टर को केस दर्ज कर जब तक गिरफ्तार नहीं कर लिया जाता तब तक वह शांत नहीं बैठेेंगे। परिजनों ने एलान किया है कि वह सोमवार को विधायक ज्ञानचंद गुप्ता के घर के समक्ष शव रखकर प्रदर्शन करेंगे। परिजनों के इस एलान से पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के हाथ पांव फूल गए हैं। उधर, तीसरे दिन भी परिजनों ने शीला के शव का अंतिम संस्कार नहीं किया।
परिजन अभी न्याय की आस प्रशासन से लगाए बैठे हैं। शीला का शव तीन दिन से सेक्टर-6 जनरल अस्पताल के शवगृह में रखा है। परिजनों की ओर से न्याय की मांग को लेकर सोमवार को भी सुबह अस्पताल में धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शीला के पति राकेश, जेठ राजेश और जेठानी ज्योति ने बताया कि अभी तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस मामले में जब तक न्याय नहीं मिलेगा, वह शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते रहेंगे। जनरल अस्पताल प्रबंधन पीएमओ डॉ मनकिरत कौर ने कहा है कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस मामले की जांच की जा रही है।
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समय पर इलाज मिलता तो नहीं जाती जान
शीला के पति राकेश ने कहा कि अगर डॉक्टर ने समय पर इलाज किया होता तो मेरी पत्नी की जान नहीं जाती। इलाज में लापरवाही के कारण उसकी मौत हुई है। मेरे साथ अगर न्याय नहीं होगा तो लोगों का कानून से विश्वास उठ जाएगा।
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