फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   आंसू गैस के गोले छोड़े

विरोध दर्ज कराया तो पुलिस कर्मियों ने लाठीचार्ज कर छोड़े आंसू गैस के गोले

Tue, 11 Sep 2018 09:34 AM IST
Updated Tue, 11 Sep 2018 09:34 AM IST
विज्ञापन
आंसू गैस के गोले छोड़े
पंचकूला सेक्टर-पांच के यवनिका पार्क से सोमवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा अपनी मांगों को लेकर विधानसभा के घेराव के लिए निकले। पुलिस ने उन्हें हाउसिंग बोर्ड के पास चंडीगढ़ पंचकूला बार्डर पर रोक लिया। पहले तो कर्मचारियों ने करीब एक घंटे तक विरोध दर्ज कराया, लेकिन सरकार की ओर से बातचीत के लिए आगे नहीं आने पर प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेट्स लांघकर चंडीगढ़ की तरफ कूच करने की कोशिश करने लगे। जिस पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन चलाकर कर्मचारियों को रोकने की कोशिश की। जब बात नहीं बनी तो पुलिस ने लाठी चार्ज कर कर्मचारियों पर आंसू गैसे के गोले छोड़े। इसमें कुछ कर्मचारी चोटिल भी हुए।
विज्ञापन


सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि उन्होंने सरकार को पहले हीं इस प्रदर्शन का नोटिस दे दिया था और वह शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अगर उन्हेें ऐसा कुछ करना होता तो उसी वक्त कर देते। उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज सरकार के इशारे पर हुआ है, जिसकी निंदा करते हैं और सरकार को इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि 12 सितंबर को सरकार के खिलाफ दमन विरोधी दिवस मनाया जाएगा और उसके बाद 18 सितंबर को जेल भरो आंदोलन और प्रदेश के 10 कैबिनेट मंत्रियों के हल्के में जाकर पोल खोल अभियान चलाया जाएगा।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इसके बाद 28 अक्तूबर को हरियाणा के केंद्रीय मंत्रियों के आवास का घेराव भी किया जाएगा और फिर भी सरकार नहीं मानती तो 15 नवंबर से हड़ताल करेंगे। उन्होंने कर्मचारियों पर लाठीचार्ज पर बोलते हुए कहा कि सरकार दिखावे के लिए ड्रामेबाजी करती है और हकीकत में कुछ और करती है। उन्होंने इनेलो और कांग्रेस से अपील करते हुए कहा कि इस घटना को विधानसभा में उठाए। वह कर्मचारी हैं आतंकवादी नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आधा दर्जन कर्मचारी चोटिल
पुलिस के लाठीचार्ज में करीब आधा दर्जन कर्मचारी चोटिल हुए। इनमें बहादुरगढ़ के रामेश्वर और विजेंद्र को हाथ में चोट लगी है। इसके अलावा कुछ अन्य कर्मचारियों को हल्की चोटें आई हैं।

मिनी ट्रक और जनरेटर को कब्जे में लेकर प्रदर्शनकारियों पर किया केस
मनीमाजरा। चंडीगढ़ पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चंडीगढ़ और मनीमाजरा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली में शामिल लोग यूटी सीमा पर लगे बैरिकेड्स को तोड़कर अंदर चंडीगढ़ में घुसने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग कर वाटर कैनन से पानी की बौछारें कर इन प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा। साथ ही पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के मिनी ट्रक और जनरेटर को अपने कब्जे में ले लिया।


क्या है मांग
- कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन।
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का।
- 7 वें वेतन आयोग विसंगतियों को दूर करना।
- चुनाव के समय घोषणा पत्र के वादे पूरा करना।
- पंजाब के समान वेतन, एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू करना।
- कैशलेस मेडिकल सुविधा।
- मृतक कर्मचारी के परिवारिक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी देना।
- आउटसोर्सिंग, ठेका प्रथा व निजीकरण पर रोक लगाए जाने, आशा वर्कर, मिड डे मील व आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतन देने की मांग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed