फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   बसों की टाइमिंग बताने वाली एलईडी भी बंद पड़ी

बसों की टाइमिंग बताने वाली एलईडी भी बंद पड़ी

Mon, 07 May 2018 12:56 AM IST
Updated Mon, 07 May 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
बसों की टाइमिंग बताने वाली एलईडी भी बंद पड़ी
बदहाली के आंसू रोता सेक्टर-पांच का बस स्टैंड
विज्ञापन

पूरी ट्राइसिटी में बना एकमात्र बिना चहारदीवारी का बस स्टैंड, दो साल पहले विधायक ने दिए थे चहारदीवारी बनाने के निर्देश

- अब तक नहीं बनी बस स्टैंड की चारदीवारी
- बसों की टाइमिंग बताने वाली एलईडी भी बंद पड़ी

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सेक्टर-पांच बस स्टैंड की हालत धीरे-धीरे शहर के बस क्यू सेल्टरों की तरह होती जा रही है। इसकी एंट्री और एग्जिट प्वाइंट की सड़कें पंचकूला शहर के ग्रामीण क्षेत्रों से भी खराब है। वहीं, हल्की बरसात के बाद बस स्टैंड और पार्किंग एरिया में बरसाती पानी भर जाता है। मोहाली और चंडीगढ़ बस स्टैंड से तुलना करें तो पंचकूला का बस स्टैंड बाहर से हीं देखने में जर्जर लगता है। इतना हीं नहीं अगर बस स्टैंड में आग लग जाए तो आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए बस स्टैंड पर माकूल प्रबंध नहीं हैं। पूरी ट्राइसिटी में इकलौता बस स्टैंड है, जिसकी चहारदीवारी नहीं है। बता दें कि 2016 में पंचकूला विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने बस स्टैंड का दौरा किया था। उस समय विधायक ने बस स्टैंड की चहारदीवारी सहित बस स्टैंड की एंट्री और एग्जिट प्वाइंट को सही करने सहित बस स्टैंड के सौंदर्यीकरण के निर्देश दिए थे, लेकिन नतीजा सिफर रहा।

शिकायत पट्टिका में धूल और मिट्टी:
पंचकूला बस स्टैंड के बाहर लगे पुलिस शिकायत पट्टिका की हालत भी खराब है। यह पूरी तरह से टूट चुकी हैं। शिकायत पट्टिका में लोगों की शिकायत की बजाय धूल-मिट्टी ने जगह बना ली है। इनकी हालत देखकर ऐसा लगता है कि जब इन्हें लगाया गया था, उसके बाद से एक बार भी ये बदले नहीं गए।
विज्ञापन


बस स्टैंड पर लगी एलईडी बनी शोपीस
रेलवे स्टेशन की तर्ज पर बस स्टैंड पर यात्रियों को रूट से संबंधित जानकारी देने की योजना फीकी नजर आ रही है। बस स्टैंड पर लगी एलईडी केवल शोपीस बनी हुई है। जो अक्सर बंद मिलती हैं। इनमें बस की टाइमिंग कभी-कभार ही यात्रियों को दिख जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंक्रीट सरिया डालकर नहीं बनाई जाती है सड़क
बार बार पंचकूला बस स्टैंड के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट टूट जाते हैं। क्योंकि बस स्टैंड पर आने वाली बसों के भार को देखते हुए यहां कंक्रीट सरिया डालकर मजबूत सड़क नहीं बनाई जाती। नतीजा एक माह के भीतर यहां की सड़कें दम तोड़ देती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed