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सांडों की लड़ाई, चपेट में आने से हुई मौत

Thu, 26 Apr 2018 02:12 AM IST
Updated Thu, 26 Apr 2018 02:12 AM IST
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सांडों की लड़ाई, चपेट में आने से हुई मौत
पीजीआई से डिस्चार्ज होकर लौटा था घर, सांड ने हमला कर ले ली जान
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घर के बाहर चारपाई पर लेटा था बुढ़नपुर निवासी परवाना, दो सांडों की लड़ाई में हुआ लहूलुहान

राहगीर ने पहुंचाया अस्पताल, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
आवारा सांडों की लड़ाई में बुधवार को बुढ़नपुर में एक युवक की जान चली गई। युवक पीजीआई से बुधवार को ही डिस्चार्ज होकर घर आया था और घर के बाहर चारपाई पर लेटा हुआ था। युवक का छह माह पहले एक्सिडेंट हो गया था, जिसके बाद से पीजीआई में उसका इलाज चल रहा था। बुधवार को डिस्चार्ज होने के बाद वह घर के बाहर ही चारपाई पर लेटा था। इस दौरान दो सांड आपस में उसके घर के बाहर लड़ रहे थे। इसी बीच अचानक एक सांड ने उस पर हमला कर दिया। लहूलुहान 27 वर्षीय परवाना को वहां से गुजर रहे गुरविंदर ने अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बुधवार दोपहर करीब दो बजे बुढ़नपुर के गुरुद्वारा के पास रहने वाला परवाना पीजीआई से डिस्चार्ज होने के बाद घर के बाहर चारपाई पर आराम कर था। इसी दौरान वहां दो सांडों के बीच लड़ाई शुरू हो गई और अचानक एक सांड ने परवाना पर हमला बोल दिया। अचानक हुए हमले में सांड ने सींग से परवाना के सिर पर कई वार किए, जिससे वह पूरी तरह लहूलुहान हो गया। परवाना को वहां से गुजर रहे गुरविंदर ने अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बता दें कि परवाना पहले से ही सड़क हादसे का शिकार था। छह माह पहले उसका एक्सिडेंट हो गया था और परवाना बुधवार को ही पीजीआई से डिस्चार्ज होकर घर लौटा था। पेशे से लोहे के बर्तन और चूल्हे बनाने का काम करने वाले परवाना की कुछ साल पहले ही शादी हुई थी। सांडों के हमले के बाद एक्सिडेंट के जख्म ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
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आरोप: कालोनी से नहीं हटाए जाते आवारा पशु
बुढ़नपुर निवासियों का आरोप है कि रोजाना यहां पर आवारा पशु इधर-उधर घूमते रहते हैं लेकिन नगर निगम की टीम कालोनी के अंदर घूमने वाले आवारा पशुओं को न तो पकड़ती है और न ही उन्हें खुले में घूमने के लिए छोड़ने वालों पर कोई कार्रवाई करती है। बुढ़नपुर निवासी खैराती ने बताया कि कई बार पशुओं की चपेट में आने से बच्चे चोटिल हो जाते हैं तो वाहनों के साथ दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। सेक्टर-14 के एसएचओ सुखबीर सिंह ने बताया कि इस घटना की जानकारी मिलते ही जख्मी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाकर मामले की छानबीन जारी है।
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स्वच्छता की दौड़ में भूल गए लावारिस पशुओं को पकड़ना
शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम की तरफ से कई पहल की गईं। लेकिन लावारिस पशुओं के कारण होने वाले हादसों की आशंका के बावजूद उन्हें पकड़ने के लिए कालोनियों में कार्रवाई नहीं की जाती है। इस कारण पशुओं अक्सर घूमते देखे जा सकते हैं। हालांकि निगम की ओर से पशुओं को पकड़ने का अभियान सेक्टरों के इर्द-गिर्द चलाया जाता है, लेकिन कालोनियों में इनकी वजह से समस्या अधिक है। बावजूद इसके कालोनीवासियों का आरोप है कि निगम की गलतियों की वजह से ऐसे हादसे हो रहे हैं। इस समस्या को दूर किया जाना चाहिए।
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