{"_id":"5ade47094f1c1bb56a8b5b97","slug":"152451661820-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक से रामगढ़, बन्ना मदनपुर, जयसिंहपुरा के लोग मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक से रामगढ़, बन्ना मदनपुर, जयसिंहपुरा के लोग मिले
Updated Tue, 24 Apr 2018 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान बोले - एक सप्ताह के अंदर बकाया नहीं दिया, तो करेंगे प्रदर्शन
- अधिग्रहित भूमि का 40 रुपये प्रति वर्ग गज का पैसा ब्याज सहित नहीं मिल रहा
- हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक से मिले रामगढ़, बन्ना मदनपुर, जयसिंहपुरा के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
गांव रामगढ़, मदनपुर, जयसिंहपुरा के लोगों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक से मिलकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार किसानों की अधिगृहित जमीन का बकाया मुआवजा ब्याज सहित देने के लिए गुहार लगाई। ग्रामीणों ने प्रशासक को दिए ज्ञापन में बताया कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण विभाग द्वारा 17 जून 1992 को किया गया था। हाईकोर्ट द्वारा नौ अप्रैल 2010 को मुआवजा राशि 200 रुपये से बढ़ाकर 380 प्रति गज कर दी गई थी। उसके बावजूद भी विभाग द्वारा मुआवजा राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई। जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुसार नौ अक्टूबर 2017 को मुआवजा राशि घटाकर 290 प्रतिगज कर दी गई। विभाग ने पहले 250 रुपये प्रतिगज के हिसाब से मुआवजा दिया था, जिसके चलते उनकी जमीन का 40 रुपये प्रति गज मुआवजा बाकी है। अब विभाग द्वारा मुआवजा राशि 40 रुपये प्रति वर्ग गज ब्याज सहित नहीं दी जा रही है।
किसानों ने बताया कि कार्यालय द्वारा कुछ लोगों को दिसंबर 2017 में ही बकाया राशि दी जा चुकी है, जबकि अधिकतर किसान रोजाना बकाया राशि लेने के लिए विभाग ने ठोकरें खाने को मजबूर कर रखा है। जिनमें से कुछ किसान बुजुर्ग और बीमार है, तो कुछ चारपाई तक पहुंच चुके हैं। ग्रामीण राम सिंह, हाकम सिंह, धर्म सिंह, बाबा सिंह, जसपाल सिंह, सुरजीत सिंह, शेर सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा जानबूझकर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है, जिसका नुकसान सरकार एवं विभाग को उठाना पड़ेगा। क्योंकि बकाया राशि के साथ 15 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर उनका बकाया नहीं दिया गया, तो वह प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
- अधिग्रहित भूमि का 40 रुपये प्रति वर्ग गज का पैसा ब्याज सहित नहीं मिल रहा
- हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक से मिले रामगढ़, बन्ना मदनपुर, जयसिंहपुरा के लोग
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
गांव रामगढ़, मदनपुर, जयसिंहपुरा के लोगों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक से मिलकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार किसानों की अधिगृहित जमीन का बकाया मुआवजा ब्याज सहित देने के लिए गुहार लगाई। ग्रामीणों ने प्रशासक को दिए ज्ञापन में बताया कि उनकी जमीनों का अधिग्रहण विभाग द्वारा 17 जून 1992 को किया गया था। हाईकोर्ट द्वारा नौ अप्रैल 2010 को मुआवजा राशि 200 रुपये से बढ़ाकर 380 प्रति गज कर दी गई थी। उसके बावजूद भी विभाग द्वारा मुआवजा राशि उपलब्ध नहीं करवाई गई। जिसके बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया था। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुसार नौ अक्टूबर 2017 को मुआवजा राशि घटाकर 290 प्रतिगज कर दी गई। विभाग ने पहले 250 रुपये प्रतिगज के हिसाब से मुआवजा दिया था, जिसके चलते उनकी जमीन का 40 रुपये प्रति गज मुआवजा बाकी है। अब विभाग द्वारा मुआवजा राशि 40 रुपये प्रति वर्ग गज ब्याज सहित नहीं दी जा रही है।
किसानों ने बताया कि कार्यालय द्वारा कुछ लोगों को दिसंबर 2017 में ही बकाया राशि दी जा चुकी है, जबकि अधिकतर किसान रोजाना बकाया राशि लेने के लिए विभाग ने ठोकरें खाने को मजबूर कर रखा है। जिनमें से कुछ किसान बुजुर्ग और बीमार है, तो कुछ चारपाई तक पहुंच चुके हैं। ग्रामीण राम सिंह, हाकम सिंह, धर्म सिंह, बाबा सिंह, जसपाल सिंह, सुरजीत सिंह, शेर सिंह ने बताया कि विभाग द्वारा जानबूझकर ग्रामीणों को परेशान किया जा रहा है, जिसका नुकसान सरकार एवं विभाग को उठाना पड़ेगा। क्योंकि बकाया राशि के साथ 15 प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ेगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के अंदर उनका बकाया नहीं दिया गया, तो वह प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन