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सीएम आवास का घेराव करने जा रहीं आशा वर्करों को पुलिस हाउसिंग बोर्ड पर रोका
Updated Wed, 28 Mar 2018 01:19 AM IST
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आशा वर्करों ने अपनी मांग को लेकर किया प्रदर्शन किया
- सीएम आवास का घेराव करने जा रहीं आशा वर्करों को पुलिस हाउसिंग बोर्ड पर रोका
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला आशा कार्यकर्ता यूनियन एआईयूटीयूसी के तत्वाधान में प्रदेश भर से आई आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्करों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को लागू करने को लेकर पैदल मार्च निकालते हुए हाउसिंग बोर्ड पर धरना दिया। सभी आशा वर्करों को पक्का करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवा को स्वास्थ्य विभाग में विलय करने, कम से कम 18,000 रुपये मासिक वेतन और 5000 रुपये महीना पेंशन देने, एनएच का सालाना बजट बढ़ाने, सरकार द्वारा घोषित 1429 प्रतिशत की बढ़ोतरी बिना देरी लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सर्दी में गर्मी के हिसाब से हर साल साल वर्दी देने की भी मांग की। आशा वर्कर यूनियन के नेता राजबाला यादव ने कहा कि आशा वर्कर पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं लेकिन आज उन्हें मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, इस मौके पर आशा देवी, मधुबाला, सुशीला, राजेश, सुषमा यादव, पूनम, संतोष सहित अन्य ने अपने विचार रखे।
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- सीएम आवास का घेराव करने जा रहीं आशा वर्करों को पुलिस हाउसिंग बोर्ड पर रोका
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
पंचकूला आशा कार्यकर्ता यूनियन एआईयूटीयूसी के तत्वाधान में प्रदेश भर से आई आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर पंचकूला में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्करों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को लागू करने को लेकर पैदल मार्च निकालते हुए हाउसिंग बोर्ड पर धरना दिया। सभी आशा वर्करों को पक्का करने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, सेवा को स्वास्थ्य विभाग में विलय करने, कम से कम 18,000 रुपये मासिक वेतन और 5000 रुपये महीना पेंशन देने, एनएच का सालाना बजट बढ़ाने, सरकार द्वारा घोषित 1429 प्रतिशत की बढ़ोतरी बिना देरी लागू करने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। साथ ही सर्दी में गर्मी के हिसाब से हर साल साल वर्दी देने की भी मांग की। आशा वर्कर यूनियन के नेता राजबाला यादव ने कहा कि आशा वर्कर पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं लेकिन आज उन्हें मजबूरी में सड़कों पर उतरना पड़ रहा है, इस मौके पर आशा देवी, मधुबाला, सुशीला, राजेश, सुषमा यादव, पूनम, संतोष सहित अन्य ने अपने विचार रखे।