{"_id":"59d53a4e4f1c1b9e538b5b8f","slug":"150714637017-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अध्यापक की सैलरी रोकना बीजेपी की सरकार विरोधी नीति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अध्यापक की सैलरी रोकना बीजेपी की सरकार विरोधी नीति
Updated Thu, 05 Oct 2017 01:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सैलरी रोकना बीजेपी सरकार की अध्यापक विरोधी नीति: मेहता
मोरनी। बीजेपी सरकार की नीतियां अध्यापक विरोधी हैं। जिसके चलते हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ 93 के खंड मोरनी प्रधान विजय पाल मेहता और जिला प्रधान लेक सिंह ने बैठक में चेतावानी देते हुए सरकार को कहा कि वे जल्द ही जिला स्तर पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। मोरनी खंड प्रधान विजय पाल मेहता ने बताया कि दिवाली का त्योहार आ रहा है और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ड्यूटी डाटा अपडेट करने पर लगा दी है। स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने एक ऑर्डर जारी करते हुए कहा कि जब तक अध्यापक एचआरएम प्रोफाइल अपडेट नहीं करते तब तक उनकी सैलरी रोक दी जाए। संघ ने सरकार से मांग की है कि वेतन समय पर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग में पहले ही अध्यापकों कमी है और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की वजह से स्टाफ भी इधर उधर एग्जाम ड्यूटी पर जा रहा है। इसलिए विभाग को इस पोर्टल पर अपडेटिंग/अपलोडिंग के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।
विज्ञापन
मोरनी। बीजेपी सरकार की नीतियां अध्यापक विरोधी हैं। जिसके चलते हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ 93 के खंड मोरनी प्रधान विजय पाल मेहता और जिला प्रधान लेक सिंह ने बैठक में चेतावानी देते हुए सरकार को कहा कि वे जल्द ही जिला स्तर पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। मोरनी खंड प्रधान विजय पाल मेहता ने बताया कि दिवाली का त्योहार आ रहा है और शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की ड्यूटी डाटा अपडेट करने पर लगा दी है। स्कूलों में अर्धवार्षिक परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग ने एक ऑर्डर जारी करते हुए कहा कि जब तक अध्यापक एचआरएम प्रोफाइल अपडेट नहीं करते तब तक उनकी सैलरी रोक दी जाए। संघ ने सरकार से मांग की है कि वेतन समय पर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि विभाग में पहले ही अध्यापकों कमी है और अर्धवार्षिक परीक्षाओं की वजह से स्टाफ भी इधर उधर एग्जाम ड्यूटी पर जा रहा है। इसलिए विभाग को इस पोर्टल पर अपडेटिंग/अपलोडिंग के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए।