फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   15 crore dues on municipal corporation defaulters, recovery 4 crore

नगर निगम के डिफाल्टरों पर 15 करोड़ बकाया, 4 करोड़ वसूले

Sun, 10 Apr 2016 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 10 Apr 2016 01:33 AM IST
विज्ञापन
15 crore dues on municipal corporation defaulters, recovery 4 crore
पानी - फोटो : demo pic

पानी का बिल न भरने वालों के खिलाफ नगर निगम अब नरमी बरतने के लिए तैयार नहीं है।  नगर निगम ने 1 अप्रैल 2015 से 31 मार्च 2016 के बीच शहर में 1200 पानी के कनेक्शन काटे हैं। नगर निगम डिफाल्टरों से 4 करोड़ रुपये की राशि रिकवर कर चुका है। ऐसा पहली बार हुआ है कि जनस्वास्थ्य विभाग ने एक साल के दौरान करोड़ों की रिकवरी की है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार कुल 15 करोड़ रुपये की राशि डिफाल्टरों से लेनी है। डिफाल्टरों में कामर्शियल, रिहायशी के साथ साथ सरकारी कार्यालयों की इमारतें भी शामिल थीं।

विज्ञापन


5 करोड़ रुपये की कमाई बढ़ी: जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस साल नगर निगम को पानी से पिछले साल के मुकाबले में 5 करोड़ की ज्यादा कई आय हुई है। पिछले साल नगर निगम को 65.45 करोड़ की पानी से कमाई हुई थी जो कि इस साल 70 करोड़ 54 लाख रुपये की आय हुई है। नगर निगम के अनुसार पिछले तीन साल से 65.45 करोड़ के ऊपर यह आंकड़ा नहीं जा रहा था।
विज्ञापन


सदन में भी कई बार उठ चुका है मामला: डिफाल्टरों से रिकवरी का मामला कई बार नगर निगम की बैठक में उठ चुका है। मार्च माह में बजट पर चर्चा के लिए बुलाई गई विशेष बैठक में भी यह मामला उठा था। तब पार्षदों ने चिंता जताई थी कि पानी बिल के डिफाल्टराें से रिकवरी चार्ज करने की स्थिति काफी दयनीय है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर साल 50 करोड़ का घाटा: जनस्वास्थ्य विभाग के अनुसार इस समय शहरवासियों को पानी की सप्लाई करने में हर साल 50 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है। इस घाटे को पूरा करने के लिए पानी के रेट बढ़ाने जरूरी हैं। नगर निगम की ओर से हर साल लोगों के घर तक पानी पहुंचाने में 125.84 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन आय 65.45 करोड़ रुपये की हुई ।

एसई का पद खाली पड़ा हे: जनस्वास्थ्य विभाग में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर का पद खाली है। पिछले दो साल से यह पद भरा नहीं गया है। इस समय रोड विंग के एसई एनपी शर्मा को जनस्वास्थ्य विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। ऐसे में अलग से कोई प्लानिंग नहीं हो पाती है।

पानी की लीकेज रोके निगम: सेक्टर-18 की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनील चोपड़ा का कहना है कि इस समय अंडरग्राउंड पाइपों में भारी लीकेज है। जिस कारण लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। नगर निगम को इस लीकेज को रोक कर अपना घाटा पूरा करना चाहिए। लोगों को भी समय- समय पर जागरूक करने के लिए कैंप लगाने चाहिए।

हाउसिंग बोर्ड के मकानों में आने लगी दिक्कत: इस समय हाउसिंग बोर्ड के मकानों और दक्षिणी सेक्टरों की निजी सोसाइटियों में पानी की किल्लत आनी शुरू हो गई है। लोगों की छतों की टकियों तक पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही है।

शहर में होगी पानी की शार्टेज: गर्मी में शहर में पानी की मांग 116 एमजीडी हो जाती है। इस समय शहर को कजौली वाटर वर्क्स से 58 एमजीडी पानी मिल रहा है, जबक शहर में लगे 235 ट्यूबवेल से 22 एमजीडी पानी मिल रहा है। शहर के  20 प्रतिशत ट्यूबवेलों में हर दिन कोई न कोई दिक्कत रहती है। गर्मी में 36 एमजीडी पानी की शार्टेज होती है, जो इस साल भी रहने की आशंका है

 

बी पुरुषार्था नगर निगम कमिश्नर ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग को इस गरमी में पानी की किल्लत न आए इसके लिए कदम उठाने के निर्देश दे दिए इसके साथ ही डिफाल्टरों के खिलाफ अपना अभियान और तेज करने के लिए कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed