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पीएचसी बरवाला के मरीज एक छोटी सी एम्बुलेंस के सहारे। सभी मरीजों को नहीं मिल पाती एम्बुलेंस की सुविधा।
Updated Sat, 08 Jul 2017 01:19 AM IST
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चार सब सेंटर और गांवों के लिए एक एंबुलेंस
हेल्थ डिपार्टमेंट को नहीं ग्रामीणों के स्वास्थ्य की फिक्र, कई बार घायल तोड़ देते हैं दम
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में आने वाले मरीज केवल एक एंबुलेंस के सहारे हैं। जिससे सभी मरीजों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल रही है। कस्बे के समाज सेवक कृष्ण पाल राणा, राजपाल सैनी, मौली वासी मिथुन, रणदीप सिंह, करनैल सिंह व चमन ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत बरवाला, भरैली, मौली व ककराली चार सब सेंटर व 18 गांव पड़ते हैं। इसके अलावा कई पोल्ट्री फार्म, ईंट भट्टे पड़ते हैं। जिनको दिन रात एंबुलेंस की जरूरत होती है। इसके बावजूद इतना बड़ा एरिया भला एक छोटी सी एंबुलेंस कैसे कवर कर सकती है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले गांवों के मरीजों, गर्भवती महिलाओं व नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को एक एंबुलेेंस होने के कारण कई बार समय पर जान पर बन आती है। क्योंकि एंबुलेंस पहले से ही किसी मरीज को पंचकूला के सेक्टर-6, अस्पताल गई होती है। दुर्घटना होने पर जब तक एंबुलेंस पहुंचती है, तब तक घायल दम तोड़ देता है। ऐसे में लोगों को अपने मरीजों व गर्भवती महिलाओं को किराए के वाहन से अस्पताल जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से जो एंबुलेंस बरवाला पीएचसी को दी गई है, वह इतनी छोटी है कि उसमें दुर्घटना होने पर एक या दो ही मरीज आ सकते हैं। इससे अधिक उसमें जगह नहीं है। लोगों ने कम से चार एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है। इस समस्या क्षेत्र के लोगों व मरीजों को काफी आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लेकिन विभाग पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने पर ध्यान नहीं दे रहा है। इस बारे में जब स्वास्थ्य विभाग पंचकूला के सिविल सर्जन डॉ. वीके बंसल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से पंचकूला के हर पीएचसी में एक एंबुलेंस की सुविधा ही प्रदान की गई है। अगर इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ती है तो विभाग के कंट्रोल रूम से फोन कर अन्य एंबुलेंस भेज दी जाती है।
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हेल्थ डिपार्टमेंट को नहीं ग्रामीणों के स्वास्थ्य की फिक्र, कई बार घायल तोड़ देते हैं दम
अमर उजाला ब्यूरो
बरवाला।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में आने वाले मरीज केवल एक एंबुलेंस के सहारे हैं। जिससे सभी मरीजों को समय पर एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल रही है। कस्बे के समाज सेवक कृष्ण पाल राणा, राजपाल सैनी, मौली वासी मिथुन, रणदीप सिंह, करनैल सिंह व चमन ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत बरवाला, भरैली, मौली व ककराली चार सब सेंटर व 18 गांव पड़ते हैं। इसके अलावा कई पोल्ट्री फार्म, ईंट भट्टे पड़ते हैं। जिनको दिन रात एंबुलेंस की जरूरत होती है। इसके बावजूद इतना बड़ा एरिया भला एक छोटी सी एंबुलेंस कैसे कवर कर सकती है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के तहत आने वाले गांवों के मरीजों, गर्भवती महिलाओं व नेशनल हाईवे पर दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को एक एंबुलेेंस होने के कारण कई बार समय पर जान पर बन आती है। क्योंकि एंबुलेंस पहले से ही किसी मरीज को पंचकूला के सेक्टर-6, अस्पताल गई होती है। दुर्घटना होने पर जब तक एंबुलेंस पहुंचती है, तब तक घायल दम तोड़ देता है। ऐसे में लोगों को अपने मरीजों व गर्भवती महिलाओं को किराए के वाहन से अस्पताल जाना पड़ता है। लोगों का कहना है कि विभाग की ओर से जो एंबुलेंस बरवाला पीएचसी को दी गई है, वह इतनी छोटी है कि उसमें दुर्घटना होने पर एक या दो ही मरीज आ सकते हैं। इससे अधिक उसमें जगह नहीं है। लोगों ने कम से चार एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है। इस समस्या क्षेत्र के लोगों व मरीजों को काफी आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। लेकिन विभाग पर्याप्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने पर ध्यान नहीं दे रहा है। इस बारे में जब स्वास्थ्य विभाग पंचकूला के सिविल सर्जन डॉ. वीके बंसल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से पंचकूला के हर पीएचसी में एक एंबुलेंस की सुविधा ही प्रदान की गई है। अगर इमरजेंसी के लिए एंबुलेंस की आवश्यकता पड़ती है तो विभाग के कंट्रोल रूम से फोन कर अन्य एंबुलेंस भेज दी जाती है।